सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां प्रखंड स्थित उदालखाम गांव में तीन दिवसीय मां मनसा पूजा पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न हुई। आमदा पंचायत के इस गांव में आयोजन के दौरान पूजा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विसर्जन यात्रा हुई। समापन तक गांव में श्रद्धा और उत्सव का माहौल बना रहा।
पूजा की शुरुआत 17 सितंबर को हुई थी। पहले दिन श्रद्धालु स्थानीय नदी और तालाब से घट लेकर आए तथा उसे मां मनसा की प्रतिमा के सामने स्थापित किया। इसके बाद रातभर विशेष पूजा-अर्चना की गई। आधी रात को परंपरा के अनुसार निसी पूजा भी हुई, जिसमें बकरे और बत्तख की बलि चढ़ाई गई।
आयोजन के दूसरे दिन 18 सितंबर की रात सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक ‘मनसा जात मंगल’ प्रस्तुत किया। कार्यक्रम देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए और उन्होंने कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
पूजा का प्रमुख आकर्षण ‘अंगूर माला’ कार्यक्रम रहा। इसमें मां मनसा के उपासक और अन्य श्रद्धालु नंगे पैर धधकते अंगारों पर चले। आस्था से जुड़ी इस परंपरा को देखने के लिए आयोजन स्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटी।
अंतिम दिन 19 सितंबर की शाम मां मनसा की विशेष विदाई पूजा की गई। इसके बाद ग्रामीण नृत्य और गीतों के साथ जुलूस के रूप में विसर्जन यात्रा में शामिल हुए। गाजे-बाजे के बीच प्रतिमा को स्थानीय नदी तक ले जाया गया और वहां विसर्जित किया गया।
प्रतिमा विसर्जन के साथ तीन दिनों से चल रहा धार्मिक आयोजन समाप्त हो गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पूजा और उससे जुड़े सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।