जमशेदपुर में तीन साहित्यकारों की जयंती पर ‘काव्य कलश’, 33 कवियों ने किया रचना पाठ

तुलसी भवन के प्रयाग कक्ष में भारतेंदु हरिश्चंद्र, सर्वेश्वर दयाल सक्सेना और श्रीकांत वर्मा की जयंती पर साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।

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जमशेदपुर में भारतेंदु हरिश्चंद्र, सर्वेश्वर दयाल सक्सेना और श्रीकांत वर्मा की जयंती के अवसर पर मासिक ‘काव्य कलश’ एवं जयंती समारोह आयोजित किया गया। सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन तुलसी भवन की ओर से यह आयोजन प्रयाग कक्ष में हुआ, जिसमें शहर के साहित्यकारों और कवियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता तुलसी भवन के अध्यक्ष सुभाष चंद्र मुनका ने की। संचालन की जिम्मेदारी नीता सागर चौधरी ने संभाली। समारोह का आरंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया गया। इसके बाद तीनों साहित्यकारों के जीवन और उनके साहित्यिक योगदान पर केंद्रित वक्तव्य प्रस्तुत किए गए।

रीना सिन्हा सलोनी, सुरेश चंद्र झा और अशोक पाठक स्नेही ने क्रमशः साहित्यकारों के रचनात्मक जीवन से जुड़े पक्षों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में भारतेंदु हरिश्चंद्र, सर्वेश्वर दयाल सक्सेना और श्रीकांत वर्मा को उनकी जयंती पर याद करते हुए हिन्दी साहित्य में उनके स्थान की चर्चा की गई।

आयोजन के काव्य-पाठ सत्र में शहर के 33 कवियों ने हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों ने अपनी स्वरचित रचनाएं प्रस्तुत कीं। इस तरह जयंती समारोह के साथ स्थानीय रचनाकारों को अपनी कविताएं सुनाने के लिए साझा मंच भी मिला।

समारोह के दौरान सुभाष चंद्र मुनका को उनके जन्मदिन के अवसर पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण रामनंदन प्रसाद ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रसन्न वदन मेहता ने किया। साहित्यिक परिचर्चा, सम्मान और कविता-पाठ के साथ आयोजन संपन्न हुआ।