खूंटी जिले के उत्क्रमित मध्य सह उच्च विद्यालय तारुब में शिक्षक दिवस पर बहुभाषी शिक्षा को लेकर विशेष संवाद आयोजित किया गया। बहुभाषी शिक्षा के विशेषज्ञ और पद्मश्री से सम्मानित शिक्षाविद् महेंद्र कुमार मिश्र ने विद्यालय का दौरा कर शिक्षकों, ग्राम प्रधान तथा समुदाय के सदस्यों के साथ इस विषय के प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया। उनके साथ स्टेट मैनेजर पल्लवी शाह भी उपस्थित थीं।
कार्यक्रम में बच्चों की मातृभाषा और स्थानीय भाषाओं को पढ़ाई से जोड़कर सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहज बनाने पर प्रमुखता से चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने बहुभाषी शिक्षा के महत्व के साथ झारखंड सरकार के पलाश कार्यक्रम के तहत किए जा रहे प्रयासों पर भी अपने विचार रखे।
महेंद्र कुमार मिश्र ने संवाद के दौरान कहा कि घर और स्थानीय परिवेश में बोली जाने वाली भाषा को सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा बनाने से शिक्षा बच्चों के लिए अधिक सहज, प्रभावी और अर्थपूर्ण हो सकती है। उन्होंने शिक्षकों से कक्षा में मौजूद भाषाई विविधता को समझने और पढ़ाई में उसका सकारात्मक उपयोग करने का आह्वान किया।
विद्यालय के शिक्षकों ने भी बहुभाषी शिक्षा के माध्यम से बच्चों के सीखने को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाने से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। चर्चा में स्थानीय भाषा, संस्कृति और आसपास के संदर्भों को सम्मान देते हुए शिक्षण व्यवस्था को आगे बढ़ाने की जरूरत सामने रखी गई।
शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक के अनुरोध पर महेंद्र कुमार मिश्र ने शिक्षकों को प्रशंसा-पत्र देकर सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें विद्यालय और शिक्षा के प्रति समर्पण, योगदान तथा प्रतिबद्धता के लिए प्रदान किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे।
विद्यालय समुदाय ने बहुभाषी शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार प्रयास करने की बात कही। समुदाय का कहना था कि बच्चों की भाषा और संस्कृति को स्थान देते हुए सीखने की व्यवस्था को अधिक उपयोगी बनाया जा सकता है। संवाद के माध्यम से विद्यालय, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय के बीच इस विषय पर साझा समझ विकसित करने का प्रयास किया गया।