गढ़वा जिले के पनघटवा डैम को पर्यटन स्थल के रूप में अधिसूचित कर दिया गया है। पर्यटन विभाग ने इसे डी श्रेणी में रखा है। इसके साथ जिले में अधिसूचित पर्यटन और तीर्थ स्थलों की संख्या 27 से बढ़कर 28 हो गई है। प्राकृतिक परिवेश के कारण डैम पर पहले से घूमने और पिकनिक मनाने वाले लोग आते रहे हैं।
अधिसूचना के बाद पर्यटन विभाग अब स्थल का सर्वे कराएगा। इसी सर्वे के निष्कर्षों के आधार पर डैम के विकास की कार्ययोजना बनाई जाएगी। प्रस्तावित सुविधाओं में पहुंच पथ, पार्किंग, शौचालय, बैठने की जगह और पर्यटकों की सुरक्षा से जुड़े प्रबंध शामिल किए जा सकते हैं। किन कार्यों को प्राथमिकता मिलेगी, यह सर्वे पूरा होने के बाद स्पष्ट होगा।
जिला पर्यटन पदाधिकारी दिलीप कुमार के अनुसार, पनघटवा डैम में नौकायन की संभावनाओं का भी आकलन किया जाएगा। यहां नाव और स्पीड बोट की सुविधा शुरू करने की योजना है। हालांकि, इन सेवाओं के संचालन की व्यवस्था और उससे संबंधित अन्य विवरण अभी तय नहीं हुए हैं।
नौकायन व्यवस्था से स्थानीय लोगों को जोड़ने की तैयारी भी की जा रही है। संचालन में रुचि रखने वाले लोगों की सूची बनाने और उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण देने की योजना है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ही संबंधित जिम्मेदारी सौंपने का प्रस्ताव है। कितने लोगों को अवसर मिलेगा, इसका निर्धारण भी सर्वे और आगे की कार्ययोजना के आधार पर होगा।
डैम के आसपास जंगल और पहाड़ी क्षेत्र होने से इसका प्राकृतिक आकर्षण बढ़ता है। सर्दी और नववर्ष के समय यहां आने वाले लोगों की संख्या बढ़ती है। ऐसे में विकास योजना में पर्यटकों के लिए सुविधाओं के साथ सुरक्षित और व्यवस्थित आवागमन सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण होगा।
पनघटवा डैम को पर्यटन स्थल के रूप में अधिसूचित करने का प्रस्ताव जिला पर्यटन संवर्धन समिति की पूर्व बैठकों में रखा गया था। अब प्रक्रिया अगले चरण में पहुंची है, लेकिन विकास कार्य अभी शुरुआती अवस्था में हैं। सर्वे और स्वीकृत कार्ययोजना के बाद ही नौकायन, बुनियादी सुविधाओं तथा स्थानीय आजीविका से जुड़ी संभावनाओं की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।