गढ़वा के आत्मा में 50 में से 25 पद खाली, योग्य अभ्यर्थी नहीं मिलने से रुकी नियुक्ति

गढ़वा में एटीएम और बीटीएम के 25 संविदा पद खाली रह गए हैं। जिला कृषि पदाधिकारी के मुताबिक शेष पदों की भर्ती पर अगले वित्तीय वर्ष की बैठक में विचार हो सकता है।

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गढ़वा में आत्मा योजना के एटीएम और बीटीएम पदों की नियुक्ति से संबंधित सांकेतिक दृश्य

गढ़वा जिले में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) के अंतर्गत निकाली गई नियुक्ति में कुल 50 में से केवल 25 पद ही भरे जा सके। निर्धारित योग्यता वाले अभ्यर्थी नहीं मिलने के कारण प्रखंड तकनीकी प्रबंधक (बीटीएम) और सहायक तकनीकी प्रबंधक (एटीएम) के शेष 25 पद खाली रह गए हैं। चयनित अभ्यर्थियों को 15 अगस्त के मुख्य समारोह में उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने नियुक्ति पत्र दिए थे।

आत्मा ने एटीएम के 38, बीटीएम के 11 और लेखा लिपिक के एक पद के लिए आवेदन मांगे थे। बीटीएम के 11 पदों में पांच पर चयन हुआ, जबकि छह खाली रह गए। इनमें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित दोनों और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सभी चार पद शामिल हैं। अनारक्षित, ईडब्ल्यूएस और अतिरिक्त पिछड़ा वर्ग के लिए तय पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया गया है।

एटीएम के 38 पदों में 19 पर योग्य उम्मीदवार नहीं मिल सके। अनुसूचित जनजाति के आठ आरक्षित पदों में सात और अनुसूचित जाति के नौ पदों में आठ खाली रह गए। इसके अलावा 16 अनारक्षित पदों में तीन तथा ईडब्ल्यूएस के चार पदों में एक पर नियुक्ति नहीं हो सकी। पिछड़ा वर्ग के एक पद और लेखा लिपिक के एकमात्र पद पर चयन पूरा हुआ है।

एटीएम पद के लिए कृषि विषय में स्नातक या स्नातकोत्तर स्तर पर 60 प्रतिशत अंक के साथ एक वर्ष का अनुभव मांगा गया था। बीटीएम पद के लिए कंप्यूटर कौशल के साथ कृषि में स्नातकोत्तर स्तर पर 50 प्रतिशत अंक अथवा सहायक तकनीकी प्रबंधक के रूप में कम से कम पांच वर्ष का कार्य अनुभव निर्धारित था।

ये दोनों पद संविदा आधारित और अस्थायी हैं। इनका सृजन राष्ट्रीय कृषि विस्तार एवं प्रौद्योगिकी मिशन के तहत आत्मा योजना में प्रखंड स्तर पर किया गया है। इन पदों से किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक की जानकारी पहुंचाने और स्थानीय कृषि प्रसार व्यवस्था को मजबूत करने का काम जुड़ा है।

जिला कृषि पदाधिकारी खुशबू पासवान के अनुसार, खाली पदों के लिए निकट भविष्य में नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने की संभावना नहीं है। शेष पदों का विषय अगले वित्तीय वर्ष में होने वाली गवर्निंग बॉडी की बैठक में रखा जाएगा। बैठक से अनुमोदन मिलने के बाद ही इन पदों के लिए दोबारा भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।