चाईबासा स्थित पश्चिमी सिंहभूम जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद कमरा उपलब्ध नहीं कराने के मामले में कोलकाता के फैब होटल को सेवा में कमी का दोषी माना है। आयोग ने शिकायत को एकपक्षीय रूप से आंशिक स्वीकार करते हुए होटल से कुल 30,670 रुपये के भुगतान का आदेश दिया।
मामला चाईबासा के हिंद चौक, बड़ी बाजार निवासी मोहम्मद बारिक की शिकायत से जुड़ा है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, उनके पुत्र रजीक अनवर ने अपने माता-पिता के ठहरने के लिए कोलकाता के राजडांगा स्थित फैब होटल गेस्ट ओ पैलेस में ऑनलाइन कमरा बुक कराया था। ठहरने की अवधि 10 मई से 12 मई 2026 तक तय थी।
कमरे की बुकिंग के लिए ऑनलाइन माध्यम से 5,670 रुपये का भुगतान किया गया था। शिकायत में कहा गया कि राशि लिए जाने के बाद भी ग्राहकों को कमरा उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बाद मामला जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष पहुंचा और होटल से संबंधित पक्षों को नोटिस भेजा गया।
आयोग के नोटिस के बावजूद दोनों विपक्षी पक्ष सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए और उनकी ओर से कोई पक्ष भी प्रस्तुत नहीं किया गया। ऐसी स्थिति में आयोग ने उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर मामले की एकपक्षीय सुनवाई की। आयोग ने इस आचरण को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(11) के तहत सेवा में कमी माना।
आदेश में 5,670 रुपये की बुकिंग राशि लौटाने के साथ मानसिक प्रताड़ना और असुविधा के लिए 20 हजार रुपये मुआवजा देने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च के रूप में देने का निर्देश है। इस तरह शिकायतकर्ता को कुल 30,670 रुपये मिलेंगे।
आयोग ने दोनों विपक्षी पक्षों को भुगतान के लिए संयुक्त एवं पृथक रूप से जिम्मेदार ठहराया है। आदेश के मुताबिक, फैसले की प्रति प्राप्त होने के 45 दिनों के भीतर निर्धारित राशि का भुगतान करना होगा। यह निर्णय ऑनलाइन होटल बुकिंग के बाद सेवा नहीं मिलने से जुड़े उपभोक्ता विवाद पर आया है।