चार जिलों में 10 बेड के टेली आईसीयू शुरू, डिजिटल हेल्थ पोर्टल भी लॉन्च

खूंटी, लातेहार, गुमला और चतरा में शुरू टेली आईसीयू के मरीजों को रिम्स के विशेषज्ञ ऑनलाइन परामर्श देंगे। तीन महीने में अन्य जिलों तक सुविधा बढ़ाने की योजना है।

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रांची में झारखंड डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव के दौरान टेली आईसीयू और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का शुभारंभ

रांची में आयोजित झारखंड डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव के दौरान खूंटी, लातेहार, गुमला और चतरा में 10-10 बेड के टेली आईसीयू का ऑनलाइन उद्घाटन किया गया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इन सुविधाओं की शुरुआत की। विभाग की योजना अगले तीन महीने में टेली आईसीयू सेवा को राज्य के अन्य जिलों तक पहुंचाने की है।

नई व्यवस्था के तहत रिम्स के विशेषज्ञ चिकित्सक चारों जिलों के टेली आईसीयू में भर्ती मरीजों को ऑनलाइन देख सकेंगे और उपचार से संबंधित परामर्श देंगे। इसका उद्देश्य दूरस्थ जिलों में इलाज कर रहे चिकित्सा दल को विशेषज्ञ सलाह उपलब्ध कराना है। कॉन्क्लेव दो दिनों के लिए आयोजित किया गया है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना, ह्यूमन रिसोर्स इंफॉर्मेशन सिस्टम और झारखंड ई-हेल्थ पोर्टल भी लॉन्च किए गए। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि योजना के तहत राज्य के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को बीएसएनएल की हाई-स्पीड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई गई है। जिला और अनुमंडल अस्पतालों को वाई-फाई से जोड़ने की दिशा में भी काम हुआ है।

हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम लागू होने पर मरीजों के लिए घर से पंजीकरण, भुगतान और चिकित्सक से मिलने का समय लेने जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। जांच रिपोर्ट डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने और चिकित्सकीय सलाह के आधार पर डिजिटल तरीके से दवा वितरण की व्यवस्था पर भी काम चल रहा है।

अस्पतालों की निगरानी के लिए सीसीटीवी आधारित व्यवस्था मजबूत करने की जानकारी भी दी गई। डिजिटल डैशबोर्ड के जरिए मरीजों की संख्या, बीमारियों से जुड़े आंकड़ों और अन्य स्वास्थ्य सूचनाओं की निगरानी में मदद मिलने की बात कही गई। वहीं, एचआरआईएस में स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति से सेवानिवृत्ति तक का सेवा रिकॉर्ड ऑनलाइन रखने की व्यवस्था होगी।

कॉन्क्लेव में रोबोटिक सर्जरी के उपयोग पर तकनीकी प्रस्तुति और डिजिटल स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों की परिचर्चा हुई। विभाग के अनुसार रिम्स के साथ मेडिकल कॉलेजों में भी रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की तैयारी है, जिसका उपयोग अस्थि और हृदय संबंधी शल्य चिकित्सा में किया जा सकेगा। कार्यक्रम में सहिया और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़ी पुस्तिकाओं का विमोचन भी हुआ।