जामताड़ा जिले में मूंगफली की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए नारायणपुर प्रखंड के सब्जाकनाली गांव में प्रक्षेत्र दिवस आयोजित किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से कराए गए मूंगफली फसल के प्रत्यक्षण के दौरान गांव की करीब 40 से 50 महिला किसानों ने खेत का भ्रमण किया और फसल की स्थिति का अवलोकन किया।
प्रत्यक्षण वाले खेत में गिरनार किस्म की मूंगफली लगाई गई थी। पौधों में फलियों की संख्या और फसल की स्थिति देखने के बाद महिला किसानों ने इसके उत्पादन की संभावनाओं में रुचि दिखाई। उन्होंने अगले वर्ष गांव में मूंगफली की खेती का क्षेत्र बढ़ाने की इच्छा जताई।
महिला किसानों के बीच खरीफ मौसम में ही बीज का संरक्षण करने पर भी सहमति बनी, ताकि आगामी वर्ष खेती के लिए बीज उपलब्ध रह सके। यह पहल उन खेतों के इस्तेमाल की संभावना से भी जुड़ी है जो मौसम के दौरान खाली रह जाते हैं। किसानों को बताया गया कि ऐसे खेतों में मूंगफली लगाकर अतिरिक्त आमदनी का विकल्प तैयार किया जा सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक पंकज कुमार सिंह ने कार्यक्रम में मूंगफली की खेती से जुड़े लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसे दलहन फसलों के साथ अंतरवर्ती फसल के रूप में भी लगाया जा सकता है। इससे उपलब्ध कृषि भूमि के बेहतर उपयोग के साथ किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
प्रक्षेत्र दिवस में महिला किसानों को उन्नत किस्म के बीज, फसल प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम के संचालन में केंद्र की मृदा परीक्षण इकाई के निलेश कुमार झा और राजकुमार ने सहयोग किया। खेत में प्रत्यक्ष रूप से फसल दिखाने का उद्देश्य किसानों को स्थानीय परिस्थितियों में मूंगफली की खेती और बेहतर उत्पादन की संभावनाओं से परिचित कराना था।