जामताड़ा में सखी मंडलों से जुड़ी महिलाओं के उद्यमों को आगे बढ़ाने के लिए 150 उत्कृष्ट महिला उद्यमियों का चयन किया जाएगा। चयनित महिलाओं को व्यवसाय संचालन के विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण देने के साथ विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की पहल होगी। इसकी जानकारी मंगलवार को आयोजित जिला स्तरीय झारखंड इनक्यूबेटर आउटरीच कार्यक्रम में दी गई।
जिला प्रशासन और झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में यह कार्यक्रम समाहरणालय परिसर स्थित एसजीएसवाई हॉल में हुआ। जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा, जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक राहुल रंजन और अन्य अतिथियों ने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इससे पहले सखी मंडल की सदस्यों ने पारंपरिक तरीके से अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर उद्यम खड़ा करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। जिला परिषद अध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और बाजार मिलने से उनके उद्यमों के विस्तार की संभावना बढ़ सकती है।
जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने गैर-कृषि क्षेत्रों में रोजगार और उद्यम के अवसरों की जानकारी दी। बिजनेस मैनेजर स्नेहाशीष दास ने स्थानीय व्यवसायों, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और निर्माण इकाइयों को आधुनिक बाजार से जोड़ने से संबंधित विषय प्रतिभागियों के सामने रखे।
आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क के आलोक रंजन ने बताया कि जिले से चुनी जाने वाली 150 महिला उद्यमियों को बिजनेस मॉडल तैयार करने, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और वित्तीय प्रबंधन का प्रशिक्षण मिलेगा। चयनित प्रतिभागियों को विशेषज्ञ मेंटरशिप और तकनीकी मार्गदर्शन देने के साथ वित्तीय सहायता से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान महिला उद्यमियों ने अपने कारोबार में आने वाली समस्याओं और व्यावहारिक चुनौतियों को विशेषज्ञों के सामने रखा। विशेषज्ञों ने उनके सवालों के उत्तर दिए और व्यवसाय को आगे बढ़ाने से जुड़ी जानकारी साझा की। कार्यक्रम का संचालन इकबाल अहमद और टिंकी सामंत ने किया, जबकि उत्तम ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।