जेएसएससी सीजीएल नियुक्तियां रद्द करने के सरकारी आदेश पर हाई कोर्ट की रोक

झारखंड हाई कोर्ट ने सीजीएल नियुक्तियां रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगाते हुए सरकार और जेएसएससी से जवाब मांगा है। वेतन के मुद्दे पर 15 सितंबर को सुनवाई होगी।

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रांची स्थित झारखंड हाई कोर्ट का भवन

रांची में झारखंड हाई कोर्ट ने जेएसएससी की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा के आधार पर हुई नियुक्तियां रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने मंगलवार को आदेश के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग से जवाब मांगा।

यह याचिका आकाश गौरव और 99 अन्य लोगों की ओर से दाखिल की गई है। याचिकाकर्ताओं ने राज्य सरकार के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसके तहत सीजीएल परीक्षा से जुड़ी नियुक्तियां रद्द करने की घोषणा की गई थी। अदालत के अंतरिम आदेश से फिलहाल सरकारी निर्णय के क्रियान्वयन पर रोक रहेगी।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वेतन नहीं मिलने का विषय भी अदालत के सामने रखा गया। उनका कहना था कि सरकारी आदेश के बाद उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। हाई कोर्ट ने इस बिंदु पर अगली सुनवाई के लिए 15 सितंबर की तारीख निर्धारित की है।

राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात उन परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी, जिनमें टीडीपीएल की भूमिका रही है। यह फैसला सीआईडी की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर किए जाने की बात कही गई थी। सरकार ने वर्ष 2014 से आयोजित सभी नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच कराने की घोषणा भी की थी।

सीजीएल नियुक्तियों से संबंधित विवाद अब न्यायिक समीक्षा के अधीन है। अदालत ने इस चरण में नियुक्तियां रद्द करने वाले आदेश को प्रभावी होने से रोका है, जबकि संबंधित पक्षों से उनका पक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया है। मामले के गुण-दोष पर अंतिम निर्णय अभी नहीं आया है।

अब 15 सितंबर की सुनवाई में वेतन भुगतान के प्रश्न पर विचार होना है। सरकार और जेएसएससी के जवाब से नियुक्तियां रद्द करने के निर्णय के आधार तथा याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों पर स्थिति अधिक स्पष्ट होने की संभावना है। तब तक हाई कोर्ट का अंतरिम रोक संबंधी आदेश लागू रहेगा।