जेटेट 2026: रांची के अभ्यर्थियों को दूसरे जिलों में मिले परीक्षा केंद्र, सुबह 7:30 बजे से रिपोर्टिंग

एक नवंबर को होने वाली जेटेट 2026 के लिए रांची में रहने वाले कई अभ्यर्थियों के केंद्र लोहरदगा, खूंटी, जमशेदपुर और हजारीबाग में बनाए गए हैं। सुबह की रिपोर्टिंग के कारण यात्रा और ठहरने की चिंता बढ़ी है।

2 मिनट पढ़ें 4 बार पढ़ी गई
जेटेट 2026 के दूसरे जिलों में बने परीक्षा केंद्रों से संबंधित सांकेतिक दृश्य

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट)-2026 में शामिल होने वाले रांची के कई अभ्यर्थियों को दूसरे जिलों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इनमें लोहरदगा, खूंटी, जमशेदपुर और हजारीबाग के केंद्र शामिल हैं। परीक्षा एक नवंबर को होगी और अभ्यर्थियों के लिए रिपोर्टिंग सुबह 7:30 बजे से निर्धारित है।

परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जानी है। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर दो बजे से शाम 4:30 बजे तक होगी। पहली पाली से काफी पहले रिपोर्टिंग शुरू होने के कारण दूसरे जिले में केंद्र पाने वाले अभ्यर्थियों को यात्रा का समय ध्यान में रखकर अपनी योजना बनानी होगी।

रांची से लोहरदगा या खूंटी जैसे दूसरे जिले में जाने वाले अभ्यर्थियों के सामने समय पर केंद्र पहुंचने की व्यावहारिक चुनौती है। सुबह यात्रा के दौरान किसी संभावित देरी से बचने के लिए कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से एक दिन पहले संबंधित शहर पहुंचना पड़ सकता है। इसके लिए उन्हें ठहरने की व्यवस्था भी करनी होगी।

अभ्यर्थियों का कहना है कि दूसरे जिले में केंद्र मिलने का प्रभाव केवल आने-जाने तक सीमित नहीं है। यात्रा के साथ आवास की जरूरत पड़ने पर परीक्षा देने का कुल खर्च बढ़ सकता है। सीमित आर्थिक साधनों वाले अभ्यर्थियों के लिए यह अतिरिक्त व्यय परेशानी का कारण बन सकता है।

उपलब्ध जानकारी में रांची के दो अभ्यर्थियों के उदाहरण दिए गए हैं, जिनके केंद्र क्रमशः लोहरदगा और खूंटी में निर्धारित हुए हैं। रिपोर्टिंग समय को देखते हुए दोनों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए पहले से यात्रा कार्यक्रम तैयार करना होगा। विवरण में किसी केंद्र के बदलाव या परीक्षा कार्यक्रम में संशोधन की सूचना नहीं दी गई है।

ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए आवंटित केंद्र, रिपोर्टिंग समय और अपनी पाली की जानकारी को ध्यान से देखना जरूरी होगा। दूसरे जिले में केंद्र पाने वालों को दूरी, उपलब्ध परिवहन और आवश्यकता पड़ने पर ठहरने की व्यवस्था का आकलन परीक्षा से पहले करना होगा, ताकि एक नवंबर को निर्धारित समय के भीतर केंद्र पर पहुंचा जा सके।