जेयूटी के करीब 40 हजार विद्यार्थियों के परिणाम लंबित, छात्रवृत्ति नवीनीकरण पर भी असर

मार्च में हुई बीटेक और एनईपी डिप्लोमा परीक्षाओं के परिणाम अब तक जारी नहीं होने से विद्यार्थियों के सामने छात्रवृत्ति, बैकलॉग और आगे की पढ़ाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

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रांची स्थित झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में लंबित परीक्षा परिणामों से जुड़ी खबर

रांची स्थित झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में करीब 40 हजार विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम लंबित होने की खबर है। संबंधित परीक्षाएं मार्च 2026 में पूरी हो गई थीं, लेकिन लगभग पांच महीने बाद भी नतीजे घोषित नहीं किए गए हैं। देरी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई, छात्रवृत्ति और आगामी शैक्षणिक प्रक्रिया को लेकर चिंता बढ़ी है।

लंबित परिणामों में बीटेक प्रथम सेमेस्टर के 2025-29 बैच, बीटेक तृतीय सेमेस्टर के 2024-28 बैच और एनईपी के अंतर्गत डिप्लोमा प्रथम सेमेस्टर के 2025-28 बैच की परीक्षाएं शामिल बताई गई हैं। इस बीच विद्यार्थियों के अगले सेमेस्टर की परीक्षाएं भी हो चुकी हैं, जबकि पिछले सेमेस्टर के अंक उपलब्ध नहीं हैं।

परिणाम जारी नहीं होने का सीधा असर ई-कल्याण पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के नवीनीकरण पर पड़ सकता है। नवीनीकरण और कॉलेज स्तर पर सत्यापन के लिए पिछले सेमेस्टर का उत्तीर्ण अंकपत्र जरूरी बताया गया है। अंकपत्र उपलब्ध नहीं होने से जरूरतमंद तथा आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों की आवेदन प्रक्रिया अटकने की आशंका है।

विद्यार्थियों के सामने बैकलॉग को लेकर भी असमंजस बना हुआ है। नतीजे नहीं मिलने से उन्हें यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि वे किन विषयों में सफल हुए हैं और किनमें बैक पेपर देना पड़ सकता है। इससे बैक पेपर का फॉर्म भरने और संबंधित विषयों की तैयारी की योजना प्रभावित हो रही है।

लंबे इंतजार के कारण विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ने की बात भी सामने आई है। अगला सेमेस्टर आगे बढ़ने के बावजूद पिछले प्रदर्शन की जानकारी नहीं मिलने से छात्र अपनी शैक्षणिक स्थिति का आकलन नहीं कर पा रहे हैं। यह अनिश्चितता उनके मानसिक दबाव की वजह बन रही है।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डीके सिंह के अनुसार विद्यार्थी अगले सेमेस्टर की पढ़ाई जारी रखते हैं और बीच के परिणाम में देरी का अंतिम सेमेस्टर पर प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने विश्वविद्यालय को तकनीकी संस्थान बताते हुए इसकी तुलना दूसरे विश्वविद्यालयों से अलग मानी है। हालांकि छात्रवृत्ति और बैकलॉग से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए विद्यार्थियों को परिणाम घोषित होने का इंतजार है।