झारखंड के शहरी क्षेत्रों में संपत्ति हस्तांतरण पर लगेगा अतिरिक्त अधिभार, कैबिनेट ने दी मंजूरी

झारखंड कैबिनेट ने शहरी क्षेत्रों में जमीन या भवन के हस्तांतरण पर स्टाम्प और निबंधन शुल्क की कुल राशि का 10 प्रतिशत अतिरिक्त अधिभार वसूलने की नियमावली मंजूर की है।

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झारखंड कैबिनेट के फैसले के बाद शहरी संपत्ति निबंधन से जुड़ी सांकेतिक तस्वीर

रांची में झारखंड कैबिनेट ने शहरी क्षेत्रों में जमीन और भवन के हस्तांतरण से जुड़ी नई नियमावली को मंजूरी दी है। इसके लागू होने पर संपत्ति की खरीद-बिक्री या अन्य हस्तांतरण के दौरान स्टाम्प शुल्क और निबंधन शुल्क की कुल राशि पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त अधिभार देना होगा। इस फैसले से शहरी इलाकों में संपत्ति का निबंधन कराने का खर्च बढ़ेगा।

नई व्यवस्था नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत और अधिसूचित औद्योगिक नगरी सहित सभी शहरी स्थानीय निकाय क्षेत्रों में प्रभावी होगी। निबंधन की प्रक्रिया पूरी होने से ठीक पहले संबंधित निबंधन पदाधिकारी अधिभार वसूलेंगे। अगर किसी कारण हस्तांतरण या निबंधन पूरा नहीं होता है, तो निबंधन शुल्क की तरह अधिभार भी आवेदक को वापस किया जाएगा।

अधिभार की गणना और भुगतान के लिए डिजिटल व्यवस्था तैयार की जाएगी। राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग अपने पोर्टल पर आवश्यक तकनीकी सुविधा विकसित करेगा, जबकि नगर विकास एवं आवास विभाग विशेष भुगतान व्यवस्था को पोर्टल से जोड़ेगा। राज्य शहरी विकास अभिकरण इसके संचालन के लिए मानक प्रक्रिया बनाएगा।

इस मद में मिलने वाली राशि संबंधित नगरपालिका या औद्योगिक नगरी के विशेष बैंक खाते में जमा होगी। शहरी स्थानीय निकाय इसका उपयोग अपने क्षेत्र के विकास और पूंजीगत कार्यों में कर सकेंगे। राशि का लेखा-जोखा झारखंड वित्त नियमावली और नगरपालिका अकाउंट्स मैनुअल के तहत रखा जाएगा। सरकार की ओर से किसी मामले में स्टाम्प या निबंधन शुल्क माफ किए जाने पर यह अधिभार भी नहीं लगेगा।

कैबिनेट ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी है। राजकीय विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में हेल्थ एंड वेल बीइंग यूनिट स्थापित की जाएंगी तथा विद्यार्थियों की विशेष डिजिटल हेल्थ आईडी बनाई जाएगी। प्रस्तावित इकाइयों में प्राथमिक चिकित्सा, आपात स्थिति में तत्काल सहायता और मानसिक स्वास्थ्य परामर्श की सुविधा देने की योजना है। प्रत्येक विश्वविद्यालय को इसके लिए अपने कुल बजट का दो प्रतिशत आरक्षित रखना होगा।

बैठक में पॉलीटेक्निक विद्यार्थियों की तकनीकी इंटर्नशिप, थानों में सीसीटीवी कैमरों से संबंधित परामर्शदाता कंपनी के बकाया भुगतान, विशेषज्ञ समिति के गठन और राज्य प्रोबेशन सेवा नियमावली से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 500 बेड के नए भवन और झारखंड मेडिकोसिटी परियोजना से जुड़े प्रस्तावों पर भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी।