झारखंड में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं और विभागीय क्षमता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), झारखंड और टाटा स्टील फाउंडेशन ने तीन वर्षों का समझौता किया है। इसके दायरे में राज्य के 13 जिले आएंगे। साझेदारी के तहत स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर सामुदायिक स्तर तक सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर काम किया जाएगा।
पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में मातृ एवं नवजात शिशु जीवन रक्षा से जुड़ी मानसी प्लस पहल जारी रखी जाएगी। इस कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व और प्रसव बाद देखभाल के साथ नवजात और बाल स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई है। पोषण से संबंधित सेवाएं भी इस कार्ययोजना का हिस्सा होंगी।
प्रोजेक्ट स्वस्थ के माध्यम से दुमका, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, रांची, खूंटी, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में स्वास्थ्य विभाग को तकनीकी तथा प्रबंधन सहयोग दिया जाएगा। इस सहयोग का उद्देश्य संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करना और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में सुधार लाना है।
समझौते में स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता बढ़ाने, दवाओं की आपूर्ति व्यवस्था सुधारने तथा स्वास्थ्य प्रशासन और वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। एनीमिया, मलेरिया और टीबी की रोकथाम के साथ टेलीमेडिसिन सेवाओं को भी प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शामिल किया गया है।
गांवों में स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाने की भी योजना है। इसके लिए ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समितियों को मजबूत किया जाएगा। स्वास्थ्य केंद्रों और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय से योजनाओं तथा जरूरी सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
समझौता ज्ञापन पर झारखंड के स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. प्रभात कुमार और टाटा स्टील फाउंडेशन के मुख्य परिचालन अधिकारी देबदूत मोहंती ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान एनएचएम के मिशन निदेशक शशि प्रकाश झा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। अगले तीन वर्षों में तय जिलों में मातृ-शिशु स्वास्थ्य परिणामों और संस्थागत क्षमता में सुधार इस साझेदारी का प्रमुख केंद्र रहेगा।