झारखंड में एआई फैमिली डॉक्टर और हेल्थ असिस्टेंट की तैयारी, डीपीआर बनाने का निर्देश

स्वास्थ्य विभाग ने एआई आधारित दो डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। पायलट सफल होने पर एआई फैमिली डॉक्टर का राज्य स्तर पर विस्तार किया जा सकता है।

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रांची में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एआई प्लेटफॉर्म विकसित करने पर विभागीय बैठक

रांची में झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल की दिशा में तैयारी शुरू की है। नेपाल हाउस सचिवालय में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में एआई असिस्टेंट और एआई फैमिली डॉक्टर नामक दो डिजिटल संसाधनों के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। उन्होंने इनके विकास के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया।

प्रस्तावित एआई असिस्टेंट को स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न स्तरों पर काम करने वाले चिकित्सा पेशेवरों और स्वास्थ्यकर्मियों के डिजिटल सहायक के रूप में विकसित करने की योजना है। यह उनके दैनिक काम से जुड़ी जानकारी देने के साथ समय पर रिमाइंडर और अलर्ट उपलब्ध करा सकेगा।

विभाग की परिकल्पना के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म से स्वास्थ्यकर्मियों को किसी कार्य का समय और स्थान, उसमें शामिल होने वाले लोगों तथा जरूरी संसाधनों की जानकारी मिल सकेगी। उदाहरण के तौर पर किसी सहिया को टीकाकरण का स्थान, निर्धारित समय, लाभार्थी बच्चों की संख्या और आवश्यक तैयारियों के बारे में सूचना दी जा सकेगी।

दूसरा प्रस्ताव आम लोगों के लिए एआई फैमिली डॉक्टर विकसित करने का है। मरीज की ओर से बताई गई स्वास्थ्य समस्या के आधार पर यह संभावित बीमारी और जरूरी चिकित्सकीय परामर्श से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करेगा। विभाग का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से लोगों तक आवश्यक स्वास्थ्य जानकारी और मार्गदर्शन पहुंचाना है।

इस प्रस्ताव में चिकित्सकीय सुरक्षा के लिए एक स्पष्ट शर्त भी रखी गई है। एआई की ओर से सुझाई गई किसी दवा को तब तक वैध चिकित्सकीय सलाह नहीं माना जाएगा, जब तक कोई पंजीकृत चिकित्सक उसे अनुमोदित न कर दे। इस व्यवस्था में तकनीकी सुविधा के साथ विशेषज्ञ निगरानी बनाए रखने की बात कही गई है।

एआई फैमिली डॉक्टर को शुरुआती चरण में पायलट परियोजना के रूप में शुरू किया जा सकता है। पायलट के परिणाम सफल रहने पर इसे राज्य में व्यापक स्तर पर लागू करने की संभावना पर विचार होगा। बैठक में एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा समेत स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव, उप सचिव और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।