झारखंड में खरीफ डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति 21.97%, देवघर सबसे आगे

खरीफ-2026 के लिए राज्य के 2.61 करोड़ से अधिक प्लॉट में करीब 57.29 लाख का डिजिटल सर्वे पूरा हुआ है। अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 अक्टूबर की गई है।

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झारखंड में खेतों का डिजिटल क्रॉप सर्वे करते कर्मी

झारखंड में खरीफ-2026 का डिजिटल क्रॉप सर्वे तय लक्ष्य की तुलना में धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की 30 सितंबर तक की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे के दायरे में शामिल 2,60,75,447 प्लॉट में करीब 57.29 लाख का काम पूरा हुआ है। इस तरह राज्य में सर्वे की कुल प्रगति 21.97 प्रतिशत दर्ज की गई है।

अब तक सर्वे किए गए प्लॉट में 25.48 लाख को स्वीकृति मिल चुकी है। विभाग ने सभी उपायुक्तों को काम में तेजी लाने और इसे मिशन मोड में पूरा कराने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार के आग्रह के बाद सर्वे पूरा करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 15 अक्टूबर कर दी गई है।

जिलों की प्रगति में बड़ा अंतर सामने आया है। देवघर 58.73 प्रतिशत काम पूरा करके राज्य में सबसे आगे है। इसके बाद लोहरदगा में 57.67 प्रतिशत और हजारीबाग में 45.30 प्रतिशत सर्वे हुआ है। दूसरी ओर पश्चिमी सिंहभूम में 3.65 प्रतिशत, खूंटी में 6.42 प्रतिशत और पलामू में 7.32 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी दी गई है।

राज्य के 263 प्रखंडों के 32,739 गांव इस अभियान में चिह्नित किए गए हैं। सर्वे के लिए कुल 26,943 सर्वेयर पंजीकृत हैं। रिपोर्ट में 20,901 सर्वेयर के काम करने तथा 6,042 कॉमन सर्विस सेंटर सर्वेयर के भी पंजीकृत होने का उल्लेख है।

डिजिटल क्रॉप सर्वे में मोबाइल एप, जीपीएस और जियो टैगिंग की मदद से खेत की जगह, क्षेत्रफल और बोई गई फसल का रिकॉर्ड तैयार किया जाता है। इस जानकारी का उपयोग फसल बीमा, कृषि योजनाओं, आपदा राहत, कृषि सामग्री के वितरण और लक्षित सरकारी सहायता में किया जा सकता है। सर्वे से फॉर्मर आईडी तथा एग्री स्टैक जैसे डिजिटल कृषि रिकॉर्ड को मजबूत करने का भी लक्ष्य है।

काम की धीमी रफ्तार के पीछे मोबाइल नेटवर्क की समस्या, एप में फेस आईडी की व्यवस्था, कुछ जगहों पर कम भुगतान और बारिश से सर्वेयर की आवाजाही प्रभावित होने जैसे कारण बताए गए हैं। बढ़ी हुई समयसीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करने के लिए जिलों को अब शेष प्लॉट का सर्वे तेज करना होगा।