रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में गांधी जयंती के अवसर पर जेल अदालत सह विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों से जुड़े 21 बंदियों के आवेदन सुनवाई के लिए जेल अदालत के समक्ष भेजे गए थे। सुनवाई पूरी होने के बाद इनमें से 11 बंदियों को रिहाई का लाभ दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान बंदियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची की कार्यप्रणाली और उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में भी बताया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर वे संबंधित सेवाओं का उपयोग कर सकें।
कारा परिसर में बंदियों के लिए चिकित्सा शिविर भी लगाया गया। शिविर में उनके स्वास्थ्य की जांच की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राकेश रौशन ने समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण की जरूरत पर जोर दिया, जिससे गंभीर बीमारियों की पहचान होने पर इलाज शीघ्र शुरू किया जा सके।
शिविर के साथ जेल परिसर की स्वच्छता और भोजन व्यवस्था की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। कार्यक्रम के बाद कारा की रसोई का निरीक्षण किया गया और बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता जांची गई। निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर करने का निर्देश भी दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एसबी शर्मा, डालसा सचिव राकेश रौशन और न्यायिक दंडाधिकारी सार्थक शर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे। जेल अदालत के माध्यम से योग्य मामलों पर सुनवाई के साथ ही बंदियों को कानूनी अधिकारों, स्वास्थ्य जांच और उपलब्ध सहायता योजनाओं की जानकारी एक ही परिसर में दी गई।