झारखंड में राशन कार्ड सत्यापन तेज, छह माह से अनाज नहीं लेने वाले कार्ड होंगे निष्क्रिय

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ई-केवाईसी के जरिए राशन कार्डों की जांच कर रहा है। छह माह से खाद्यान्न नहीं उठाने वाले कार्डों को चिह्नित कर निष्क्रिय करने की प्रक्रिया एक अक्टूबर से शुरू होगी।

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झारखंड में राशन कार्ड और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लाभुकों के सत्यापन की प्रक्रिया

रांची में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के राशन कार्डों का सत्यापन तेज कर दिया है। विभागीय जानकारी के अनुसार, ई-केवाईसी अभियान के दौरान निष्क्रिय, डुप्लीकेट या अपात्र माने जा रहे कार्डों की पहचान की जा रही है। छह महीने अथवा उससे अधिक समय से राशन नहीं लेने वाले लाभुक भी जांच के दायरे में हैं।

विभाग के मुताबिक, राज्य में अब तक छह महीने से खाद्यान्न का उठाव नहीं करने वाले 1,77,751 राशन कार्ड चिह्नित किए गए हैं। ऐसे कार्डों की प्रत्येक महीने की 21 तारीख को पहचान करने और अगले महीने की पहली तारीख से उन्हें स्वतः निष्क्रिय करने का निर्णय लिया गया है। इस आधार पर अगली कार्रवाई एक अक्टूबर से प्रस्तावित है।

सत्यापन अभियान के तहत राज्य भर के 8,02,685 कार्डधारकों की सूची तैयार किए जाने की जानकारी दी गई है। इनमें लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले लोगों के साथ ऐसे कार्ड भी शामिल बताए गए हैं, जिन्हें निष्क्रिय, डुप्लीकेट या पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करने वाला माना जा रहा है। संबंधित सूची राशन डीलरों को भेजकर रिपोर्ट भी मांगी गई है।

खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के अनुसार, यह कार्रवाई केंद्र सरकार के निर्देश के बाद की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम हट रहे हैं, उनमें आर्थिक रूप से संपन्न या छह महीने से अधिक समय से राशन नहीं उठाने वाले कार्डधारक शामिल हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि पात्र गरीब परिवारों के नाम योजना में जोड़े जाएंगे।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत करीब 59.84 लाख राशन कार्ड हैं और लगभग 2.64 करोड़ लोगों तक राशन पहुंचाने का लक्ष्य है। रिपोर्ट में कुछ राशन विक्रेताओं ने सत्यापन और ई-केवाईसी शुरू होने के बाद दुकानों पर आने वाले कार्डधारकों की संख्या में लगभग 15 प्रतिशत कमी की बात कही है।

जांच के दौरान कार्डधारकों की वास्तविक पात्रता और नियमित खाद्यान्न उठाव की स्थिति महत्वपूर्ण होगी। विभाग ने अपात्र लोगों से कार्ड समर्पित करने को कहा है। वहीं, नाम निष्क्रिय होने की स्थिति में पात्र लाभुकों को अपनी स्थिति और उपलब्ध विभागीय प्रक्रिया की जानकारी लेकर आवश्यक सत्यापन पूरा करना होगा।