झारखंड में राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर को, राज्यभर में 295 बेंच गठित

साल की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए राज्यभर में 295 बेंच बनाई गई हैं। मुख्य कार्यक्रम धनबाद में होगा, जबकि रांची सिविल कोर्ट में 58 बेंच गठित की गई हैं।

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राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन की जानकारी दर्शाती न्यायालय की सांकेतिक तस्वीर

झारखंड में 12 सितंबर को साल की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित होगी। इसके लिए राज्यभर में 295 बेंच का गठन किया गया है। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से कई सप्ताह से इसकी तैयारी की जा रही थी। विभिन्न न्यायालयों में लंबित करीब डेढ़ लाख मामलों के एक ही दिन में निष्पादन की संभावना जताई गई है।

मुख्य कार्यक्रम धनबाद में आयोजित किया जाएगा। इसमें झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश एवं झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद मुख्य अतिथि होंगे। न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव और अन्य गणमान्य लोगों की मौजूदगी भी प्रस्तावित है। इसी कार्यक्रम से राज्य के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों में होने वाली लोक अदालतों का ऑनलाइन उद्घाटन किया जाएगा।

लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित विवादों के साथ गैर-विवादित मामलों को भी विचार के लिए रखा जाएगा। इनमें चेक बाउंस, बिजली चोरी, उत्पाद, वन और मोटर वाहन से संबंधित प्रकरण शामिल हैं। पारिवारिक प्रकृति के विवादों तथा विभिन्न दीवानी और राजस्व मामलों की सुनवाई एवं निष्पादन की भी तैयारी है।

रांची सिविल कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए 58 बेंच बनाई गई हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश रोशन के अनुसार, इस बार विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों के निष्पादन को प्राथमिकता दी जाएगी। पक्षकारों तक सूचना पहुंचाने के लिए पैरा लीगल वालंटियर के माध्यम से बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए गए हैं।

रांची में कार्यवाही सुबह 10:30 बजे शुरू होने की जानकारी दी गई है। धनबाद में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से इसका ऑनलाइन शुभारंभ किया जाएगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में संबंधित पक्ष पहुंचेंगे और आपसी सहमति से मामलों के समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

लोक अदालत में अदालतों में लंबित और अन्य विवादों का समाधान समझौते के आधार पर किया जाता है। आयोजन का उद्देश्य पात्र मामलों का अपेक्षाकृत शीघ्र निपटारा कर पक्षकारों का समय और खर्च बचाना है। हालांकि करीब डेढ़ लाख मामलों के निष्पादन का आंकड़ा अभी संभावना के रूप में बताया गया है; वास्तविक संख्या कार्यवाही पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।