रांची दुर्गा मंदिर ट्रस्ट मामले में 12 नामित ट्रस्टियों को पक्षकार बनाने का हाईकोर्ट का निर्देश

झारखंड हाईकोर्ट ने धार्मिक न्यास बोर्ड से नामित 12 ट्रस्टियों को रिट याचिका में प्रतिवादी के रूप में जोड़ने और उन्हें नोटिस भेजने की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।

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रांची दुर्गा मंदिर ट्रस्ट मामले में झारखंड हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश

रांची के श्री दुर्गा मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने 12 नामित ट्रस्टियों को मुकदमे का पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है। जस्टिस आनंद सेन की अदालत का यह अंतरिम आदेश नए प्रतिवादियों को न्यायिक प्रक्रिया में शामिल करने से संबंधित है। मुख्य रिट याचिका पर आगे की सुनवाई उनके जुड़ने के बाद होगी।

उपलब्ध विवरण के अनुसार, मामला डब्ल्यूपी (सी) संख्या 4429/2025 के तहत अदालत में विचाराधीन है। याचिकाकर्ता श्री दुर्गा मंदिर ट्रस्ट ने अंतरिम आवेदन संख्या 12718/2025 दाखिल कर झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड की ओर से नामित ट्रस्टियों को भी मामले में शामिल करने का अनुरोध किया था।

ये 12 ट्रस्टी न्यास बोर्ड के 5 अगस्त 2024 के पत्र के माध्यम से नामित किए गए थे। अंतरिम आवेदन में रखे गए तथ्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने उन्हें प्रतिवादी संख्या चार से 15 तक के रूप में रिट याचिका में जोड़ने को कहा।

हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को याचिका में आवश्यक संशोधन करने और संशोधित कॉज टाइटल का नया पृष्ठ दाखिल करने का भी निर्देश दिया है। आदेश के मुताबिक संशोधन लाल स्याही से किया जाना है। इन निर्देशों के साथ अदालत ने संबंधित अंतरिम आवेदन का निपटारा कर दिया।

अदालत ने नए जोड़े जाने वाले प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने का आदेश भी दिया है। इसके लिए याचिकाकर्ता को तीन सप्ताह के भीतर जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया शुल्क जमा करना होगा। नोटिस भेजने के लिए स्पीड पोस्ट के साथ सामान्य प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया गया है।

यह आदेश ट्रस्ट से जुड़े मूल विवाद के गुण-दोष पर अंतिम निर्णय नहीं है। फिलहाल इसका दायरा नामित ट्रस्टियों को पक्षकार बनाने, उन्हें विधिवत नोटिस देने और आगे की सुनवाई के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने तक सीमित है। नए प्रतिवादियों के जवाब आने के बाद मुख्य रिट याचिका की कार्यवाही आगे बढ़ेगी।