रांची में श्रम, नियोजन एवं कौशल विकास विभाग ने झारखंड श्रमाधान पोर्टल पर व्यापक श्रमिक पंजीकरण अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य राज्य के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है। विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों का पोर्टल पर पंजीकरण कराने पर जोर दिया है।
अभियान में कामगारों को तीन प्रमुख श्रेणियों में शामिल किया गया है। इनमें भवन एवं अन्य सन्निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिक, असंगठित क्षेत्र के कामगार तथा राज्य से बाहर या विदेश में काम करने वाले प्रवासी श्रमिक शामिल हैं। विभागीय आकलन के अनुसार, इन श्रेणियों में करीब 1.27 करोड़ कामगारों को पंजीकरण से लाभ मिल सकता है।
निर्माण श्रमिकों के लिए भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम से 14 योजनाएं संचालित की जा रही हैं। राज्य में बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की संख्या लगभग 12 लाख से 15 लाख के बीच होने का अनुमान है। अभियान के जरिए पात्र कामगारों को उपलब्ध योजनाओं और अपने अधिकारों की जानकारी भी दी जाएगी।
असंगठित क्षेत्र की श्रेणी में छोटे किसान, घरेलू कामगार, रेहड़ी-पटरी वाले और रिक्शा चालक जैसे श्रमिक रखे गए हैं। इनके लिए मृत्यु या दुर्घटना सहायता, मातृत्व सुविधा, अंत्येष्टि सहायता, उपचार, कौशल उन्नयन, औजार, साइकिल, सिलाई मशीन और विवाह सहायता जैसी योजनाएं उपलब्ध हैं। आधिकारिक आंकड़ों में इस वर्ग की संख्या करीब 94 लाख से 96 लाख बताई गई है।
तीसरी श्रेणी में झारखंड से दूसरे राज्यों अथवा विदेशों में रोजगार करने वाले प्रवासी श्रमिक आते हैं। राज्य में ऐसे कामगारों की संख्या 16 लाख से अधिक बताई गई है। विभाग के अनुसार, प्रवासी श्रमिकों के लिए दो प्रकार की योजनाएं चलाई जाती हैं और पंजीकरण के बाद वे संबंधित लाभों तक पहुंच बना सकेंगे।
श्रमाधान पोर्टल को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तक एक ही मंच से पहुंच उपलब्ध कराने के माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया गया है। विभाग का कहना है कि इससे पंजीकृत श्रमिकों को अलग-अलग कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। अभियान का संदेश पंजीकरण के साथ योजनाओं का लाभ लेने और श्रमिकों का भविष्य सुरक्षित करने पर केंद्रित है।