पलामू में श्रमाधान पोर्टल पर पंजीकरण अभियान, 2.43 लाख श्रमिकों को योजनाओं से जोड़ने का लक्ष्य

श्रम विभाग ने पलामू में निर्माण, असंगठित और प्रवासी श्रमिकों के पंजीकरण का अभियान शुरू किया है। 31 मार्च 2027 तक 2,43,601 कामगारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

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पलामू में श्रमाधान पोर्टल पर श्रमिक पंजीकरण अभियान से संबंधित प्रतीकात्मक दृश्य

पलामू जिले में श्रमाधान पोर्टल के माध्यम से श्रमिकों के पंजीकरण का व्यापक अभियान शुरू किया गया है। श्रम, नियोजन एवं कौशल विकास विभाग ने 31 मार्च 2027 तक जिले के 2,43,601 कामगारों को पंजीकृत कर सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

अभियान में श्रमिकों को तीन प्रमुख श्रेणियों में शामिल किया जाएगा। इनमें भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार, असंगठित क्षेत्र के कामगार और झारखंड से बाहर या विदेश में काम कर रहे प्रवासी श्रमिक शामिल हैं। विभाग का उद्देश्य पात्र श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के दायरे में लाना है।

भवन निर्माण से जुड़े पंजीकृत श्रमिकों के लिए राज्य में 14 कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं। इनमें औजार और साइकिल सहायता, दुर्घटना या मृत्यु सहायता, मेधावी बच्चों के लिए छात्रवृत्ति, चिकित्सा सहायता एवं प्रतिपूर्ति, मातृत्व सुविधा, विवाह सहायता, पेंशन, परिवार पेंशन, अनाथ पेंशन और सुरक्षा किट जैसी योजनाएं शामिल हैं।

असंगठित श्रमिकों की श्रेणी में छोटे किसान, घरेलू कामगार, रेहड़ी-पटरी पर काम करने वाले और रिक्शा चालक समेत विभिन्न कामगार आते हैं। इनके लिए भी दुर्घटना, मृत्यु, उपचार, मातृत्व, अंत्येष्टि, कौशल उन्नयन, औजार, साइकिल, सिलाई मशीन और विवाह सहायता से संबंधित योजनाएं उपलब्ध कराई गई हैं। राज्य में ऐसे श्रमिकों की संख्या लगभग 94 से 96 लाख आंकी गई है।

पलामू से रोजगार के लिए दूसरे राज्यों और विदेश जाने वाले श्रमिकों को भी अभियान में शामिल किया जाएगा। जिले के करीब दो लाख श्रमिकों के बाहर काम करने का अनुमान है, जबकि वर्तमान में लगभग 11 हजार प्रवासी श्रमिक पंजीकृत हैं। विदेश में कार्यरत कामगारों के लिए मुख्यमंत्री झारखंड अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक अनुदान योजना समेत अन्य सहायता का प्रावधान बताया गया है।

पंजीकरण के बाद पात्र श्रमिक पोर्टल के माध्यम से योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इससे अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होने की उम्मीद है। श्रम अधीक्षक अमित कुमार चौधरी के अनुसार, अभियान के जरिए अधिक से अधिक श्रमिकों को पंजीकृत कर सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।