झुमरीतिलैया में पटाखा बिक्री के लिए ब्लॉक मैदान तय, दुकानदारों ने जताई आपत्ति

कोडरमा प्रशासन ने सुरक्षित पटाखा बिक्री के लिए झुमरीतिलैया के ब्लॉक मैदान को निर्धारित स्थल बनाया है। दुकानदारों ने ग्राहक और कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई है।

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झुमरीतिलैया में पटाखा बिक्री स्थल को लेकर प्रशासन के निर्देश और व्यापारियों का विरोध

कोडरमा जिला प्रशासन ने दीपावली के दौरान पटाखों की सुरक्षित बिक्री के लिए झुमरीतिलैया नगर परिषद क्षेत्र के दुकानदारों को ब्लॉक मैदान में अस्थायी दुकानें लगाने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पटाखों की बिक्री तय सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी नियमों के अनुसार निर्धारित स्थल पर ही की जानी है।

इस व्यवस्था को लेकर स्थानीय पटाखा विक्रेताओं ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि गांवों से खरीदारी के लिए आने वाले ग्राहक बाजार की स्थायी दुकानों से परिचित हैं, जबकि ब्लॉक मैदान तक उनके नहीं पहुंचने की आशंका है। विक्रेताओं के अनुसार, इससे त्योहार के समय उनकी बिक्री प्रभावित हो सकती है।

दुकानदारों का कहना है कि पटाखों की बिक्री शुरू हो चुकी है और यह छठ तक जारी रहेगी। उन्होंने प्रशासन से अपनी स्थायी दुकानों में ही सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए पटाखे बेचने की अनुमति देने की मांग की है। उनका तर्क है कि स्थान बदलने से सीमित अवधि के इस कारोबार में व्यावहारिक कठिनाइयां आएंगी।

प्रशासनिक निर्णय से पहले दो नवंबर को उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी निर्मल सोरेन की अध्यक्षता में पटाखा विक्रेताओं की बैठक हुई थी। बैठक में झुमरीतिलैया नगर परिषद क्षेत्र के लिए ब्लॉक मैदान को बिक्री स्थल चुने जाने की जानकारी दी गई थी और विक्रेताओं को वहीं दुकान लगाने का निर्देश दिया गया था।

जिला प्रशासन ने सभी अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों से अपने क्षेत्रों में भी पटाखा बिक्री के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित करने को कहा है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में पटाखे बेचने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इस निर्देश का उद्देश्य बिक्री के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है।

झुमरीतिलैया नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अंकित गुप्ता ने भी चिह्नित स्थल पर ही पटाखे बेचने का आदेश जारी किया है। फिलहाल प्रशासन अपने सुरक्षा संबंधी निर्णय पर कायम है, जबकि व्यापारी बाजार की स्थायी दुकानों से बिक्री की अनुमति चाहते हैं। दोनों पक्षों के अलग-अलग रुख के कारण स्थान निर्धारण का मुद्दा बना हुआ है।