टाटा स्टील के कर्मचारियों में बंटेगा 315 करोड़ रुपये का बोनस, 11 सितंबर को भुगतान

टाटा स्टील के बोनस समझौते के तहत कुल 315 करोड़ रुपये वितरित किए जाएंगे। जमशेदपुर प्लांट और ट्यूब डिवीजन के 11,021 कर्मचारियों को 163.85 करोड़ रुपये मिलेंगे।

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जमशेदपुर में टाटा स्टील के कर्मचारी बोनस समझौते से संबंधित प्रतिनिधि दृश्य

जमशेदपुर में टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच कर्मचारियों के बोनस पर त्रिपक्षीय समझौता हो गया है। समझौते के अनुसार कंपनी इस बार कुल 315 करोड़ रुपये बोनस के रूप में वितरित करेगी। कर्मचारियों के बैंक खातों में बोनस की राशि 11 सितंबर को भेजी जाएगी।

कंपनी के बोर्ड रूम में हुए समझौते पर टाटा स्टील के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन और यूनियन नेतृत्व ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान उप श्रम आयुक्त अरविंद कुमार भी मौजूद रहे। जमशेदपुर प्लांट और ट्यूब डिवीजन के 11,021 कर्मचारियों के बीच 163.85 करोड़ रुपये का वितरण किया जाना है।

उपलब्ध विवरण के मुताबिक कर्मचारियों को इस वर्ष औसतन करीब 1.49 लाख रुपये बोनस मिलेगा। ओल्ड सीरीज ग्रेड में अधिकतम बोनस 4,45,512 रुपये और न्यूनतम करीब 39,012 रुपये तय हुआ है। एनएस ग्रेड के कर्मचारियों को उनके लिए निर्धारित फॉर्मूले के अनुसार राशि दी जाएगी।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 10,886 करोड़ रुपये रहा। अन्य परिसंपत्तियों को शामिल करने के बाद बोनस की गणना के लिए 11,035.24 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ को आधार बनाया गया। पुराने फॉर्मूले से बोनस की राशि करीब 314.53 करोड़ रुपये बन रही थी, जिसे बढ़ाकर 315 करोड़ रुपये किया गया।

बोनस तय करने वाले मानकों में मुनाफा, बिक्री, स्टील उत्पादकता और सुरक्षा शामिल हैं। कंपनी में उत्पादकता बढ़कर प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष 675 मीट्रिक टन पहुंचने की जानकारी दी गई है। पहले 600 टन की अधिकतम उत्पादकता के आधार पर इस मद में 90 करोड़ रुपये का प्रावधान था।

उत्पादकता में वृद्धि के बाद कंपनी ने बोनस फॉर्मूले में संशोधन करते हुए इस मद में 10 करोड़ रुपये अतिरिक्त जोड़े। यूनियन नेतृत्व के अनुसार कोविड-19 के बाद यह कर्मचारियों को मिलने वाला दूसरा सबसे अधिक बोनस है। समझौता पूरा होने के साथ भुगतान की तारीख भी स्पष्ट हो गई है।