दीपावली से पहले गढ़वा के बाजारों में बढ़ी रौनक, सजावटी सामान और मूर्तियों की मांग

गढ़वा के प्रमुख बाजार दीपावली और धनतेरस की खरीदारी के लिए सज गए हैं। अलग-अलग राज्यों से आई मूर्तियां और रंग-बिरंगी लाइटें ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं।

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दीपावली की खरीदारी के लिए सजा गढ़वा शहर का बाजार

गढ़वा में दीपावली और धनतेरस से पहले बाजारों की रौनक बढ़ने लगी है। शहर में पूजा की मूर्तियों, रंग-बिरंगी लाइटों और घरों की सजावट से जुड़े सामान की दुकानें सज गई हैं। ग्राहक अपनी पसंद और बजट के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं, जबकि कारोबारियों को त्योहार नजदीक आने के साथ भीड़ और बढ़ने की उम्मीद है।

शहर के मुख्य बाजार के साथ रंका मोड़, मझिआंव मोड़ और पुरानी बाजार सहित विभिन्न इलाकों में दुकानदारों ने आकर्षक ढंग से सामान प्रदर्शित किया है। बाजार में भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की अलग-अलग आकार, रंग और डिजाइन वाली मूर्तियां उपलब्ध हैं। घरों तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सजाने के लिए भी कई प्रकार की वस्तुएं रखी गई हैं।

इस बार बंगाल, कानपुर और चुनार से मंगाई गई मूर्तियां विशेष आकर्षण बनी हुई हैं। बंगाल की कलात्मक शैली, कानपुर की विविध डिजाइन और चुनार की पारंपरिक बनावट वाली मूर्तियों के कई विकल्प बाजार में मौजूद हैं। दुकानदारों ने छोटी मूर्तियों से लेकर बड़े आकार की प्रतिमाओं तक का भंडार तैयार किया है।

कारोबारियों के अनुसार, दीपावली के दौरान मूर्तियों और सजावट के सामान का कारोबार करीब 80 से 90 लाख रुपये तक पहुंचने की संभावना है। यह फिलहाल दुकानदारों का अनुमान है। उनका मानना है कि त्योहार की तारीख नजदीक आने पर बिक्री की गति तेज हो सकती है और बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ेगी।

बाजार पर महंगाई का असर भी दिखाई दे रहा है। दुकानदारों का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में कई वस्तुओं की कीमतें बढ़ी हैं। इसके बावजूद लोग अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार पूजा और घर की सजावट के लिए सामान चुन रहे हैं। अलग-अलग मूल्य वर्ग में वस्तुएं उपलब्ध होने से ग्राहकों को विकल्प मिल रहे हैं।

त्योहारी तैयारियों ने गढ़वा के बाजारों को धीरे-धीरे दीपावली के रंग में ढाल दिया है। पूजा की तैयारियों के साथ सजावट की खरीदारी ने भी गति पकड़ी है। स्थानीय व्यापारियों की नजर अब धनतेरस और दीपावली से पहले होने वाली प्रमुख खरीदारी पर है, जिससे उन्हें इस सीजन में बेहतर कारोबार की उम्मीद है।