हजारीबाग में दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है। पूजा पंडालों और मेला परिसरों की निगरानी ड्रोन तथा सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। अतिरिक्त सुरक्षा बल और महिला पुलिस बटालियन को भी तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार के अनुसार, शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक 100 से अधिक गुप्तचर तैनात किए गए हैं। वे अपने क्षेत्रों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे और प्रतिदिन कंट्रोल रूम को सूचनाएं उपलब्ध कराएंगे। नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई की बात भी कही गई है।
अष्टमी, नवमी और दशमी के दौरान शहर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विभिन्न पूजा पंडालों का स्थलीय निरीक्षण किया गया है। प्रशासन ने पूजा समितियों को सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है, ताकि दर्शन और मेले के दौरान आवाजाही व्यवस्थित बनी रहे।
पूजा समितियों को महिलाओं के लिए अलग प्रवेश द्वार बनाने और वहां सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया गया है। पंडालों में पुलिस बल के साथ समितियों के स्वयंसेवक भी व्यवस्था संभालेंगे। प्रशासन ने पंडाल परिसर में ज्वलनशील पदार्थों के उपयोग पर रोक लगाने को कहा है।
पुलिस ने अपनी तैयारियों को परखने के लिए हजारीबाग के विभिन्न क्षेत्रों में मॉक ड्रिल भी की है। इसका उद्देश्य पूजा के दौरान किसी आपात स्थिति में सुरक्षा दलों की तत्परता बनाए रखना और श्रद्धालुओं को निर्धारित व्यवस्था के भीतर सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है।
प्रशासन का विशेष ध्यान उन तीन दिनों पर है, जब गांवों और आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग मेला देखने शहर पहुंचते हैं। ड्रोन, कैमरों, गुप्तचर तंत्र, पुलिसकर्मियों और पूजा समिति के स्वयंसेवकों के समन्वय से पंडालों तथा मेला क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी की गई है।