देवघर के 108 एंबुलेंस कर्मियों ने 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी

लंबित मांगें पूरी नहीं होने का दावा करते हुए 108 एंबुलेंस कर्मचारियों के संघ ने 21 अक्टूबर से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।

2 मिनट पढ़ें 3 बार पढ़ी गई
झारखंड24 का पूर्ण लोगो—प्रकाशक की लोगो-मात्र छवि के स्थान पर

देवघर जिले में 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों ने लंबित मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। कर्मचारी संघ के घोषित कार्यक्रम के अनुसार, 21 अक्टूबर से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जा सकती है। संघ ने संबंधित जिलों के अनुमंडल पदाधिकारियों को पत्र भेजकर कार्यक्रम की जानकारी देने के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए अनुमति और प्रशासनिक सहयोग मांगा है।

संघ का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर पहले भी चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई थी। इसके बाद 16 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। संघ के मुताबिक, बैठक में मांगों पर 15 से 20 दिनों के भीतर विचार करने का आश्वासन मिलने के बाद प्रस्तावित आंदोलन को 20 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया था।

कर्मचारी संगठन का दावा है कि तय अवधि में मांगें पूरी नहीं हुईं। इसी आधार पर आंदोलन दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में कर्मचारियों की सभी मांगों का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है और न ही स्वास्थ्य विभाग का पक्ष सामने आया है।

संशोधित कार्यक्रम के तहत कर्मचारियों ने छह से नौ अक्टूबर तक काली पट्टी लगाकर काम किया था। नौ अक्टूबर को सिविल सर्जन कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय तक कैंडल मार्च निकाला गया। इसके बाद 12 अक्टूबर को सिविल सर्जन कार्यालय के सामने भिक्षाटन और 14 अक्टूबर को उपायुक्त कार्यालय तक धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा गया था।

संघ के अनुसार, 16 अक्टूबर को राज्यभर में एक दिवसीय पूर्ण हड़ताल की गई और रांची के नामकुम स्थित एनएचएम कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन हुआ। अगले चरण में जिला स्तर पर सदर अस्पताल सहित विभिन्न स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन की योजना बताई गई है।

108 एंबुलेंस सेवा आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने से जुड़ी है। इसलिए अनिश्चितकालीन हड़ताल होने पर सेवा संचालन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। फिलहाल प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से संभावित हड़ताल के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।