धनबाद में शाखा डाकघरों में कार्यरत ग्रामीण डाक सेवक शाखा पोस्टमास्टरों के लिए फेस रिकग्निशन आधारित उपस्थिति व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत कार्यालय पहुंचने के साथ ही काम समाप्त होने पर निकलते समय भी हाजिरी दर्ज करनी होगी। दोनों प्रविष्टियां डाक विभाग के डीएआरपीएएन उपकरण पर चेहरे की पहचान के माध्यम से की जाएंगी।
इस संबंध में सभी मुख्य पोस्टमास्टर जनरल को निर्देश जारी किए गए हैं। शाखा डाकघरों के निर्धारित खुलने और बंद होने के समय के अनुसार ‘इन’ और ‘आउट’ उपस्थिति दर्ज करना जरूरी होगा। इसका उद्देश्य प्रत्येक कार्यदिवस की उपस्थिति का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराना है।
विभाग के अनुसार, कई शाखा डाकघरों में शाखा पोस्टमास्टर कार्यालय पहुंचते समय तो हाजिरी बना रहे थे, लेकिन कार्यालय से निकलते समय ‘आउट’ प्रविष्टि नहीं हो रही थी। इस कारण दैनिक उपस्थिति का रिकॉर्ड अधूरा रह जाता था। अब दोनों समय की प्रविष्टि अनिवार्य होने से आने और जाने का विवरण एक ही व्यवस्था में दर्ज होगा।
उपमंडलीय प्रमुखों को शाखा पोस्टमास्टरों की उपस्थिति की प्रतिदिन समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए उन्हें दैनिक उपस्थिति रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी। मंडलीय प्रमुखों से भी निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने और व्यवस्था की नियमित निगरानी करने को कहा गया है।
उपस्थिति केवल इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की ओर से उपलब्ध कराए गए डीएआरपीएएन उपकरण से ही स्वीकार की जाएगी। किसी अन्य माध्यम से हाजिरी दर्ज होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी उसकी जांच करेंगे। इस प्रावधान के बाद निर्धारित उपकरण ही आधिकारिक उपस्थिति रिकॉर्ड का आधार होगा।
फेस रिकग्निशन या उपकरण के संचालन में तकनीकी समस्या आने पर शाखा पोस्टमास्टर को तत्काल उपमंडलीय और मंडलीय प्रमुख को सूचना देनी होगी। सूचना मिलने के बाद समस्या के समाधान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग ने निगरानी करने वाले अधिकारियों को नई व्यवस्था का सख्ती से अनुपालन कराने का निर्देश दिया है।