गढ़वा जिले के धुरकी थाना क्षेत्र में कनहर नदी के किनारे बसे गांवों के किसान जंगली हाथियों की आवाजाही से परेशान हैं। शनिवार मध्यरात्रि हाथियों का एक झुंड बरसोती और बालचौरा गांव के आसपास के खेतों में पहुंचा और कई फसलों को रौंद दिया। ग्रामीणों के अनुसार, इस घटना के बाद इलाके में भय का माहौल है।
प्रभावित किसानों ने बताया कि खेतों में लगी मकई, अरहर, बादाम और धान की फसल को नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि झुंड लगातार तीन दिनों से रात में तटीय क्षेत्र के खेतों की ओर आ रहा है। इससे अपनी उपज बचाने के साथ ही लोगों के सामने सुरक्षित रहने की चिंता भी बढ़ गई है।
ग्रामीण रातभर जागकर खेतों की निगरानी कर रहे हैं। उनके मुताबिक, हाथियों को दूर करने के लिए पटाखों और अन्य साधनों का सहारा लिया जा रहा है, लेकिन झुंड कुछ समय बाद दोबारा खेतों की ओर लौट आता है। हाथियों के डर से रात में खेतों तक जाना भी कठिन हो गया है।
किसानों का कहना है कि खेती उनके परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है। तैयार हो रही फसलों के नष्ट होने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने आशंका जताई है कि हाथियों की आवाजाही जारी रही तो फसलों के अलावा आबादी के लिए भी खतरा उत्पन्न हो सकता है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्र में तुरंत टीम भेजने और झुंड को सुरक्षित तरीके से आबादी तथा खेतों से दूर जंगल की ओर ले जाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने क्षतिग्रस्त खेतों का स्थल निरीक्षण, नुकसान का आकलन और सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजा देने का अनुरोध किया है।
वनपाल प्रमोद कुमार यादव के अनुसार, प्रभावित किसानों की फसलों का मुआयना कर विभाग की ओर से उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया की जाएगी। उन्होंने लोगों से हाथियों को परेशान नहीं करने या उनके साथ छेड़छाड़ से बचने की अपील की। विभाग झुंड को रिहायशी क्षेत्र से बाहर निकालने का प्रयास कर रहा है।