गुमला जिले के पालकोट प्रखंड में 17 जंगली हाथियों का झुंड पहुंचने के बाद वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों को सतर्क किया है। विभाग के अनुसार, झुंड फिलहाल बिलिंगबीरा पंचायत के सनईडीह गांव के जंगलों में मौजूद है। इसमें मादा हाथियों के साथ आधा दर्जन से अधिक बच्चे भी बताए गए हैं।
यह झुंड सिमडेगा जिले के बीरू और जापकाकोना क्षेत्र से गुजरते हुए पालकोट पहुंचा है। हाथी इलाके में घूमने के दौरान खेतों में लगी धान की फसल को रौंद रहे हैं। स्थानीय लोगों को मक्का, बादाम, उड़द और केले की फसलों के साथ घरों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका है।
वनपाल कृष्णा महतो ने लोगों से हाथियों के पास नहीं जाने और उनके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं करने की अपील की है। वन विभाग की योजना झुंड को सुरक्षित तरीके से रायडीह प्रखंड की दिशा में ले जाने और आगे छत्तीसगढ़ की ओर भेजने की है। विभागीय टीम हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक, कुछ दिन पहले दो से तीन हाथियों ने क्षेत्र में कई घरों और फसलों को नुकसान पहुंचाया था। इसके बाद से प्रभावित इलाकों के लोग रात में जागकर निगरानी करने को मजबूर हैं। अब बड़े झुंड के आने की सूचना से उनकी चिंता और बढ़ गई है।
वन विभाग ने कुछ स्थानों पर ग्रामीणों को पटाखे और मसाला टॉर्च उपलब्ध कराए हैं, ताकि हाथियों के गांव की ओर आने पर उन्हें हटाने में सहायता मिल सके। हालांकि विभाग ने स्पष्ट रूप से दूरी बनाए रखने पर जोर दिया है, जिससे लोगों और वन्यजीवों के लिए जोखिम कम रखा जा सके।
गुमला के डीएफओ बेलाल अहमद के अनुसार, झुंड की लगातार निगरानी की जा रही है और उसे सुरक्षित इलाके की ओर ले जाने का प्रयास होगा। उन्होंने बताया कि हाथियों से पहले हुए नुकसान के मुआवजे की प्रक्रिया चल रही है। भविष्य में होने वाले पात्र नुकसान के लिए भी मुआवजा दिए जाने की बात कही गई है।