धनबाद जिले के पूर्वी टुंडी प्रखंड के पोखरिया स्थित एक अनाथ विद्यालय में रहने वाले 40 से अधिक बच्चों के खुजली से पीड़ित होने की बात सामने आई है। विद्यालय में करीब 50 बच्चे रहते हैं। बड़ी संख्या में बच्चों की तबीयत प्रभावित होने के बाद उनके इलाज, नियमित निगरानी और सुरक्षित देखभाल की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
विद्यालय के वार्डन के अनुसार, बच्चों की जांच और इलाज के लिए डॉक्टरों को बुलाया गया था तथा उन्हें दवाइयां भी दी गईं। इसके बावजूद कई बच्चों को परेशानी बनी हुई है। विद्यालय के संचालन से जुड़े विधायक ने भी बीमारी की जानकारी होने की बात कही है। उनके मुताबिक, पिछले सप्ताह डॉक्टरों की टीम विद्यालय पहुंची थी और अब दोबारा चिकित्सा दल भेजने को कहा गया है।
इसी बीच नौ वर्षीय एक बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे रिश्तेदार के घर भेजे जाने का मामला सामने आया। आरोप है कि बच्चे को एक अन्य बच्चे के साथ भेजा गया, लेकिन संबंधित घर पर ताला लगा था। वहां कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं मिलने के कारण बच्चा बाहर भटकता रहा। बाद में उसके अभिभावक को इसकी जानकारी मिली और उन्होंने वार्डन से संपर्क कर तलाश शुरू की।
वार्डन ने बताया कि बच्चा खुजली के कारण काफी परेशान था और लगातार रो रहा था। कर्मचारियों की सलाह के बाद उसे अभिभावक के पास भेजने का निर्णय लिया गया था। वार्डन के अनुसार, उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि घर पर ताला लगा होगा और वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं मिलेगा।
विद्यालय प्रबंधन की ओर से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है, लेकिन बच्चों को रिश्तेदारों के पास भेजने की प्रक्रिया ने सुरक्षा संबंधी चिंता बढ़ा दी है। किसी बच्चे को परिसर से बाहर भेजने से पहले संबंधित अभिभावक की उपलब्धता सुनिश्चित करना और उसे किसी जिम्मेदार व्यक्ति के सुपुर्द करना देखभाल का अहम हिस्सा है।
मामले में अब प्रभावित बच्चों के समुचित उपचार के साथ उनकी नियमित स्वास्थ्य निगरानी और सुरक्षित संरक्षण सुनिश्चित करने की जरूरत सामने आई है। उपलब्ध विवरण में किसी प्रशासनिक जांच या कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में फिलहाल बीमारी की स्थिति, इलाज की निरंतरता और विद्यालय की देखभाल व्यवस्था पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की प्रतीक्षा है।