झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर निकाली जा रही भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा मंगलवार को धनबाद पहुंची। यात्रा के नौवें दिन छात्र नेता देवेंद्र महतो ने इसे रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे युवाओं की आवाज बताया। उन्होंने कहा कि नियुक्तियों में अभ्यर्थियों का चयन योग्यता के आधार पर होना चाहिए।
धनबाद प्रवास के दौरान देवेंद्र महतो ने अलग झारखंड आंदोलन से जुड़े पूर्व सांसद और शिक्षाविद बिनोद बिहारी महतो के आवास पर मीडिया से बातचीत की। उनके अनुसार, संथालपरगना और उत्तरी छोटानागपुर के दौरे के अंतिम चरण में यात्रा जिले में पहुंची है। अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों पर युवाओं से भर्ती व्यवस्था और रोजगार के विषय में संवाद किया जा रहा है।
देवेंद्र महतो ने बिनोद बिहारी महतो के संदेश ‘पढ़ो और लड़ो’ को यात्रा की प्रेरणा बताया। उन्होंने दावा किया कि संथालपरगना के अलग-अलग इलाकों में युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग का समर्थन किया। उनके मुताबिक, नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी निष्पक्ष और पारदर्शी चयन व्यवस्था चाहते हैं।
भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए महतो ने पूरे मामले की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि अनियमितता हुई है तो जांच केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अधिकारियों और राजनीतिक स्तर पर किसी की जिम्मेदारी बनती हो तो उसकी भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जानी चाहिए। ये सभी दावे और आरोप अभियान की ओर से रखे गए हैं।
यात्रा की शुरुआत मंगलवार को बलियापुर स्थित बिनोदधाम से हुई। इसके बाद यह किसान चौक और मणींद्र चौक से होते हुए रणधीर वर्मा चौक पहुंची। पुटकी के प्रभु चौक पर भी युवाओं और स्थानीय लोगों के साथ संवाद किया गया, जिसमें भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता, रोजगार और व्यवस्था में सुधार प्रमुख विषय रहे।
देवेंद्र महतो के अनुसार, अभियान अब तक झारखंड के 24 में से 12 जिलों में पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य युवाओं की समस्याएं सुनना और उन्हें व्यापक स्तर पर उठाना है। यात्रा आगे भी जारी रखने तथा भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग को आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की बात कही गई है।