भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत सोमवार को देवघर पहुंचे। नई दिल्ली से देवघर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उनका स्वागत किया गया और वे परिसदन के लिए रवाना हुए। उनके साथ सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह भी देवघर आए हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वे देवघर सिविल कोर्ट परिसर में आयोजित राज्यस्तरीय विधिक सेवा सह सशक्तीकरण शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
शिविर का आयोजन झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार और देवघर जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के शिविर मॉड्यूल के तहत आयोजित हो रहा है। इसमें विधिक सहायता और विभिन्न कल्याणकारी लाभों से जुड़ी गतिविधियां प्रस्तावित हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य न्यायाधीश रांची और पलामू में लीगल एड क्लीनिक का ऑनलाइन उद्घाटन करेंगे। इन क्लीनिकों का उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से देवघर व्यवहार न्यायालय में आयोजित समारोह से किया जाना है। कार्यक्रम में झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष एवं झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद तथा न्यायमूर्ति रोंगोन मुखोपाध्याय की उपस्थिति भी निर्धारित है।
शिविर में पीड़ितों के बीच चेक वितरण का कार्यक्रम रखा गया है। प्रोजेक्ट शिशु के तहत लाभ दिए जाने के साथ चार दिव्यांग लोगों को सहायक उपकरण और पांच छात्राओं को साइकिल देने की भी योजना है। ये गतिविधियां प्रस्तावित कार्यक्रम का हिस्सा हैं।
शाम करीब छह बजे राष्ट्रीय गीत, स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ शिविर की शुरुआत निर्धारित है। समारोह में संताली भाषा में नालसा गीत की प्रस्तुति भी होगी। मुख्य न्यायाधीश की देवघर यात्रा के दौरान धार्मिक कार्यक्रम के साथ विधिक सेवा और सशक्तीकरण से जुड़ी पहलों को प्रमुख स्थान दिया गया है।