रांची में छठ महापर्व की तैयारियों के तहत नगर निगम ने शहर के 74 तालाबों के घाटों पर विशेष सफाई अभियान शुरू किया है। छठव्रतियों को स्वच्छ घाट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस काम में 1200 से अधिक सफाईकर्मी लगाए गए हैं। निगम ने तालाबों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए आम लोगों से भी सहयोग मांगा है।
इससे पहले दुर्गा पूजा के बाद शहर के 18 चिह्नित तालाबों और जलाशयों से प्रतिमाओं के अवशेष तथा पूजा सामग्री हटाई गई। इस अभियान में 600 सफाईकर्मियों के अलावा जेसीबी, ट्रैक्टर और गोताखोरों की सहायता ली गई। अब निगम का ध्यान छठ से पहले घाटों और उनके आसपास की व्यवस्था दुरुस्त करने पर है।
तालाबों में पूजन सामग्री को फैलने से रोकने के लिए विसर्जन कुंड बनाए गए हैं। नगर निगम ने श्रद्धालुओं से घरों से निकलने वाली पूजा सामग्री और दूसरे अवशेष सीधे तालाब में नहीं डालने की अपील की है। लोगों से इन वस्तुओं को निर्धारित विसर्जन कुंड में ही डालने को कहा गया है।
निगम के अनुसार, कुंडों के उपयोग से पूजा सामग्री पूरे जलाशय में नहीं फैलेगी और उसे निकालना भी आसान होगा। इससे सफाईकर्मियों पर अतिरिक्त दबाव कम करने के साथ तालाबों को स्वच्छ रखने में मदद मिल सकती है। छठ के दौरान घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए सफाई को प्राथमिकता दी जा रही है।
छठ महापर्व और काली पूजा की व्यवस्था को लेकर विभिन्न पूजा समितियों के प्रतिनिधियों ने गुरुवार को नगर आयुक्त से मुलाकात भी की। प्रतिनिधिमंडल ने काली पूजा से पहले कुछ स्थानों पर स्टोन डस्ट उपलब्ध कराने के साथ छठ घाटों की समुचित सफाई और विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग रखी।
नगर आयुक्त ने प्रतिनिधियों को सभी छठ पूजा समितियों के साथ जल्द समन्वय बैठक आयोजित करने का आश्वासन दिया है। इस बैठक में घाटों की सफाई और आवश्यक सुविधाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की बात कही गई है। पूजा समितियों ने पर्व से पहले जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने की मांग की है, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना न करना पड़े।