रांची में पुलिस संस्मरण दिवस पर देश और आम लोगों की सुरक्षा के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई। झारखंड सशस्त्र पुलिस-वन में आयोजित परेड के दौरान एक सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए देशभर के 154 पुलिस अधिकारियों और जवानों को याद किया गया। इस सूची में झारखंड के तीन पुलिसकर्मी शामिल हैं।
झारखंड के शहीद पुलिसकर्मियों में पुलिस अवर निरीक्षक हेमंत भगत, आरक्षी सुनील राम और आरक्षी संतोष कुमार मेहता के नाम हैं। हेमंत भगत दुमका जिले में तैनात थे, जबकि सुनील राम और संतोष कुमार मेहता पलामू जिले से जुड़े थे। समारोह में उनके कर्तव्य और बलिदान को नमन किया गया।
चार सितंबर 2025 को पलामू के मनातू थाना क्षेत्र के केदल गांव में छापेमारी के दौरान पुलिस और टीएसपीसी के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस अभियान में आरक्षी सुनील राम और आरक्षी संतोष कुमार मेहता शहीद हुए थे। वहीं, 31 दिसंबर 2025 को दुमका के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में बाधित सड़क को खाली कराने के दौरान हुई दुर्घटना में पुलिस अवर निरीक्षक हेमंत भगत की जान गई थी।
पुलिस संस्मरण दिवस की सूची के अनुसार, निर्धारित अवधि में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रीय बलों के कुल 154 कर्मियों ने कर्तव्य के दौरान प्राण गंवाए। इनमें सीमा सुरक्षा बल के 25 और बिहार के 12 जवान शामिल हैं। मध्य प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर के नौ-नौ और असम एवं छत्तीसगढ़ के छह-छह कर्मियों के नाम भी सूची में दर्ज हैं।
रांची के मुख्य समारोह में झारखंड के पुलिस महानिदेशक सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीद स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर शहीदों के परिवारों के साथ खड़े रहने और उन्हें हर संभव सहयोग देने का संकल्प दोहराया गया।
टेंडरग्राम स्थित झारखंड जगुआर मुख्यालय में भी स्मृति कार्यक्रम हुआ। आईजी अनूप बिरथरे और डीआईजी इन्द्रजीत महथा ने स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया। शहीद पुलिसकर्मियों के नाम पढ़े गए, जवानों ने शोक शस्त्र झुकाए और दो मिनट का मौन रखकर उनके योगदान को स्मरण किया।