रांची में बिना जीपीएस खाद्यान्न ढुलाई का मामला, दो सहायक महाप्रबंधकों को शोकाज

कंट्रोल कमांड सिस्टम की निगरानी में सोनाहातू समेत दो प्रखंडों में बिना सक्रिय जीपीएस वाले वाहनों से खाद्यान्न परिवहन का मामला सामने आया है।

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रांची में खाद्यान्न परिवहन की जीपीएस निगरानी से संबंधित सांकेतिक दृश्य

रांची जिले में बिना जीपीएस लगे या निष्क्रिय जीपीएस वाले वाहनों से सरकारी खाद्यान्न का परिवहन किए जाने का मामला सामने आया है। कंट्रोल कमांड सिस्टम की निगरानी के दौरान सोनाहातू समेत दो प्रखंडों में ऐसे वाहनों की पहचान होने के बाद दो सहायक महाप्रबंधकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

समीक्षा बैठक में विभागीय सचिव राजेश शर्मा ने दोनों मामलों में की गई कार्रवाई को लेकर जिला अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। संबंधित सहायक महाप्रबंधकों से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि जीपीएस के बिना चल रहे वाहनों से खाद्यान्न की ढुलाई किस आधार पर कराई गई।

राज्य के सभी जिलों में सक्रिय किए गए कंट्रोल कमांड सिस्टम के माध्यम से खाद्यान्न परिवहन वाले वाहनों की निगरानी की जा रही है। व्यवस्था के तहत वाहन के प्रस्थान से लेकर निर्धारित स्थान तक पहुंचने के बीच उसके मार्ग, ठहराव की जगह और रुकने की अवधि से जुड़ी जानकारी जुटाई जाती है।

जीपीएस नहीं लगा होने या उसके काम नहीं करने की स्थिति में वाहन की वास्तविक गतिविधि पर नजर रखना कठिन हो जाता है। इससे यह पता लगाने में बाधा आती है कि खाद्यान्न का परिवहन कब, कहां और कितनी मात्रा में हुआ। सामने आए मामलों में विभागीय स्तर पर लापरवाही की भी जांच की जा रही है।

जिला मुख्यालयों में इस निगरानी के लिए अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी दी गई है। दिनभर एकत्र की जाने वाली जानकारी राज्य मुख्यालय को भेजी जा रही है। निगरानी में किसी तरह की गड़बड़ी मिलने पर संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

खाद्यान्न परिवहन में अनियमितताओं को लेकर इससे पहले रांची, खूंटी, बोकारो और गिरिडीह के जिला आपूर्ति अधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया था। ताजा कार्रवाई के बाद विभाग ने संकेत दिया है कि बिना जीपीएस या निष्क्रिय उपकरण वाले वाहनों के संचालन से जुड़े मामलों की जवाबदेही तय की जाएगी।