रांची में 8 सितंबर को खनन और भू-विज्ञान में एआई के उपयोग पर राष्ट्रीय सेमिनार

झारखंड सरकार का खान एवं भूतत्व विभाग रांची में राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित करेगा, जिसमें खनिज अन्वेषण, सुरक्षा और संसाधन प्रबंधन में आधुनिक तकनीकों पर चर्चा होगी।

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रांची में खनन और भू-विज्ञान की आधुनिक तकनीकों पर होने वाले राष्ट्रीय सेमिनार का सांकेतिक दृश्य

रांची में 8 सितंबर को खनन और भू-विज्ञान के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा दूसरी आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन झारखंड सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग के अंतर्गत भूतत्व निदेशालय की ओर से होटल रेडिसन ब्लू में किया जाएगा।

सेमिनार में एआई के साथ मशीन लर्निंग, बिग डेटा और रिमोट सेंसिंग के व्यावहारिक उपयोग पर विचार-विमर्श होगा। आयोजन का उद्देश्य भू-विज्ञान, खनन और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन एवं अन्वेषण में नई तकनीकों को अपनाने की संभावनाओं को आगे बढ़ाना है।

कार्यक्रम में खनिज भंडारों की अधिक सटीक और कम समय में पहचान करने में तकनीक की संभावित भूमिका पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा खनन क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने तथा खनन प्रक्रिया को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए तकनीकी उपायों पर भी विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे।

विशाल भूवैज्ञानिक आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर खनन और भू-विज्ञान से जुड़ी योजनाओं एवं नीतियों को अधिक सटीक बनाने की संभावनाएं भी सेमिनार के एजेंडे में शामिल हैं। हजारीबाग स्थित राजकीय भूतत्विक प्रयोगशाला को इस तकनीकी पहल से जोड़ने की तैयारी है, ताकि उसकी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

सेमिनार में आईआईटी-आईएसएम धनबाद, बीआईटी मेसरा, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान के विशेषज्ञों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड सहित अन्य सरकारी और निजी कंपनियों के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में भाग लेंगे।

आयोजन की तैयारियों में खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राज कमल, खान निदेशक राहुल सिन्हा, जेईएमसीएल के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन और भूतत्व निदेशक कुमार अमिताभ जुड़े हैं। सेमिनार में विशेषज्ञ प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग, बेहतर प्रबंधन और तकनीक आधारित अन्वेषण की संभावनाओं पर विचार साझा करेंगे।