रामगढ़ में शारदीय नवरात्र शुरू, प्रमुख देवी मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की तैयारी

कलश स्थापना के साथ रामगढ़ के प्रमुख देवी मंदिरों में शारदीय नवरात्र की पूजा शुरू होगी। नौ दिनों तक वैदिक अनुष्ठान और आराधना का क्रम चलेगा।

2 मिनट पढ़ें 6 बार पढ़ी गई
रामगढ़ में शारदीय नवरात्र के लिए सजा प्रमुख देवी मंदिर

रामगढ़ जिले में रविवार से शारदीय नवरात्र का आरंभ हो रहा है। कलश स्थापना के साथ मंदिरों में मां भगवती की पूजा-अर्चना शुरू होगी और वैदिक मंत्रोच्चार सुनाई देंगे। नवरात्र के दौरान जिले के प्रमुख देवी मंदिरों में विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जाने की तैयारी है।

रामगढ़ की अलग-अलग दिशाओं में स्थित देवी मंदिर स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। पूर्व दिशा में कांकेबार पहाड़ी पर महामाया देवी मंदिर है। पश्चिम में हजारीबाग रोड के सुभाष चौक पर मां विघ्नहर्णेश्वरी और दक्षिण में बरकाकाना रोड पर मां वनजारी का मंदिर स्थित है।

उत्तर दिशा में बोकारो रोड के रजरप्पा क्षेत्र में मां छिन्नमस्तिका मंदिर है। इसके अतिरिक्त शहर के मध्य झंडा चौक पर माता वैष्णो देवी मंदिर स्थित है। नवरात्र के दौरान इन सभी मंदिरों में पूजा-पाठ के साथ भक्तिमय वातावरण रहने की उम्मीद है। झारखंड के अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल से भी श्रद्धालु इन धार्मिक स्थलों पर आते हैं।

कांकेबार की पहाड़ी पर महामाया देवी का मंदिर करीब 1,400 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, पहाड़ी के नीचे से गुजरने वाले कई यात्री आगे बढ़ने से पहले मंदिर में दर्शन करते हैं। नवरात्र में यहां विशेष अनुष्ठान होगा। प्रधान पुजारी दिनेश पाठक, दामोदर महतो और उनकी पत्नी अर्चना महतो को पूजा कराएंगे।

रामगढ़ के झंडा चौक स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर को शहर का प्रमुख आस्था स्थल माना जाता है। किला मंदिर के आचार्य गोविंद वल्लभ शर्मा के अनुसार, इस बार नवरात्र नौ दिनों का है और प्रत्येक दिन पूजा के योग हैं। कलश स्थापना के बाद नौ दिनों तक देवी आराधना का क्रम जारी रहेगा।