लोहरदगा के समाहरणालय मैदान में गुरुवार को दीपावली मेला-2026 शुरू हुआ। उपायुक्त संदीप कुमार मीना ने मेले का उद्घाटन किया। चार दिवसीय यह आयोजन 5 से 8 नवंबर तक चलेगा, जहां स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और बेचने का अवसर दिया गया है।
मेले में त्योहार से जुड़ी जरूरतों के साथ पारंपरिक और हस्तनिर्मित वस्तुओं की विविधता रखी गई है। यहां मिट्टी के दीये, खिलौने, मूर्तियां, सजावटी सामान और घरौंदे उपलब्ध हैं। आयोजन में आने वाले लोग स्थानीय स्तर पर तैयार इन वस्तुओं को एक ही परिसर में देख और खरीद सकेंगे।
बांस से बने उत्पाद और जूट के थैले भी बिक्री के लिए रखे गए हैं। इनके अतिरिक्त करंज का तेल तथा करंज मधु जैसे स्थानीय उत्पाद मेले का हिस्सा हैं। आयोजन स्थल पर स्थानीय व्यंजनों की भी व्यवस्था की गई है, जिससे हस्तशिल्प और खाद्य परंपरा दोनों को मंच मिला है।
उद्घाटन के दौरान उपायुक्त ने बताया कि मेले का उद्देश्य कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों को उत्पादों की प्रदर्शनी तथा बिक्री के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना है। प्रशासन के अनुसार, स्थानीय सामान को बाजार मिलने से कारीगरों की आय और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
मेले के माध्यम से जिले की स्थानीय कला, संस्कृति और पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है। उपायुक्त ने जिले के लोगों से मेले में आने और त्योहार की खरीदारी में स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देकर उत्पादकों का उत्साह बढ़ाने की अपील की।
उद्घाटन कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त राज महेश्वरम और आईटीडीए की परियोजना निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, समाहरणालय मैदान में यह मेला 8 नवंबर तक जारी रहेगा।