देवघर जिले के सारठ प्रखंड सभागार में 16 सितंबर को पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत ऋण मेले का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग के निर्देश पर होगा। मेले में योजना के लिए चयनित स्थानीय कारीगरों को ऋण प्रक्रिया और उससे संबंधित आवश्यकताओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
देवघर के अग्रणी जिला प्रबंधक आनंद मोहन ने आयोजन के संबंध में सारठ के प्रखंड विकास पदाधिकारी चंदन कुमार सिंह को जानकारी दी है। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कार्यक्रम के संचालन में सहयोग करने के लिए प्रखंड कर्मियों को निर्देश दिया है। मेला प्रखंड स्तर पर लाभार्थियों और संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय का माध्यम बनेगा।
योजना के लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन आवेदनों के आधार पर किया गया है। वित्तीय सेवा विभाग, नई दिल्ली की ओर से चयनित लोगों की सूची उपलब्ध कराई गई है। सूची में शामिल लाभार्थियों को 16 सितंबर के ऋण मेले की सूचना देने के साथ ही आवेदन प्रक्रिया में जरूरी कागजात के बारे में भी बताया जा रहा है।
पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत पारंपरिक काम से जुड़े कर्मकारों को अधिक दक्ष और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण देने का प्रावधान है। इसके साथ पात्र कारीगरों को रियायती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाना है। ऋण मेले में चयनित आवेदकों को इसी वित्तीय सहायता तक पहुंच बनाने की प्रक्रिया समझाई जाएगी।
योजना का उद्देश्य कारीगरों को अपने क्षेत्र में रहते हुए हुनर विकसित करने और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने में सहायता देना है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इसके माध्यम से कर्मकारों का पलायन रोकने का भी प्रयास किया जाएगा। प्रशिक्षण और ऋण को जोड़कर स्थानीय स्तर पर उनके काम को मजबूत करने की योजना है।
कारीगरों द्वारा तैयार सामान की ब्रांडिंग तथा खरीद-बिक्री में सहयोग भी योजना का हिस्सा बताया गया है। इससे लाभार्थियों को केवल प्रशिक्षण या पूंजी तक सीमित सहायता के बजाय अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में मदद मिल सकेगी। चयनित लाभार्थियों को मेले में पहुंचते समय बताए गए आवश्यक दस्तावेज साथ रखने होंगे।