साहिबगंज पहुंची भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा, देवेंद्रनाथ महतो ने परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग उठाई

साहिबगंज में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए जेएलकेएम नेता देवेंद्रनाथ महतो ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया और निष्पक्ष व्यवस्था की मांग की।

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साहिबगंज में भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा के दौरान विद्यार्थियों से संवाद करते देवेंद्रनाथ महतो

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्रनाथ महतो की भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा रविवार को साहिबगंज पहुंची। साहिबगंज कॉलेज में विद्यार्थियों से संवाद के दौरान उन्होंने राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में चयन योग्यता और मेहनत के आधार पर होना चाहिए तथा पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाना जरूरी है।

महतो ने आरोप लगाया कि झारखंड गठन के बाद अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने नौकरियों की खरीद-बिक्री और पदों के लिए रकम तय होने का भी आरोप लगाया। ये उनके राजनीतिक आरोप हैं; कार्यक्रम में इनके समर्थन में किसी जांच रिपोर्ट या सरकारी पक्ष का विवरण प्रस्तुत नहीं किया गया।

यात्रा के दौरान उन्होंने झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं का उल्लेख किया। उनकी मांग है कि प्रश्नपत्र लीक होने से रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बने, बिचौलियों की कथित भूमिका समाप्त की जाए और भर्ती से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने गड़बड़ी वाली परीक्षाओं को रद्द कर पारदर्शी तरीके से दोबारा आयोजित करने तथा जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग भी रखी।

यह यात्रा 24 अगस्त को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव से शुरू हुई थी। आयोजकों ने इसके लिए “24 जिला, 24 संकल्प, एक आवाज” का नारा दिया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यात्रा झारखंड के सभी 24 जिलों से गुजरेगी और रांची में एक बड़ी जनसभा के साथ इसका समापन किया जाएगा।

साहिबगंज के बाद यात्रा बोरियो भी पहुंची, जहां विद्यार्थियों और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने महतो का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य भर्ती प्रक्रियाओं से प्रभावित होने का दावा करने वाले युवाओं की बात सामने लाना और रोजगार के सवाल पर संवाद बढ़ाना है। कार्यक्रम में उन्होंने झारखंड के युवाओं के लिए रोजगार का अधिकार सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।

साहिबगंज के आयोजनों में छात्र-छात्राओं के साथ जेएलकेएम और अन्य स्थानीय कार्यकर्ता मौजूद रहे। यात्रा के दौरान रखे गए आरोपों पर राज्य सरकार, संबंधित आयोगों या विभागों की प्रतिक्रिया उपलब्ध विवरण में शामिल नहीं है। ऐसे में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उन्हें महतो के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।