सिसई में यू-डायस का काम लंबित, प्रधानाध्यापकों और सीआरपी-बीआरपी से जवाब तलब

सिसई बीआरसी ने यू-डायस पोर्टल पर छात्र, विद्यालय और शिक्षक संबंधी सूचनाएं लंबित मिलने के बाद संबंधित कर्मियों से 24 घंटे में लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।

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सिसई में यू-डायस कार्य लंबित होने पर स्पष्टीकरण मांगने से संबंधित प्रतीकात्मक दृश्य

गुमला जिले के सिसई प्रखंड में यू-डायस पोर्टल से जुड़े जरूरी काम समय पर पूरे नहीं होने पर प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) ने संबंधित प्रधानाध्यापकों और सीआरपी-बीआरपी से जवाब मांगा है। बीआरसी ने 27 अगस्त को जारी पत्र में सभी संबंधित लोगों को 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।

पत्र के अनुसार, पोर्टल पर उपलब्ध विभिन्न प्रतिवेदनों की समीक्षा में कई विद्यालयों का काम लंबित मिला। छात्र मॉड्यूल और छात्र प्रोफाइल में कुछ विद्यालयों की प्रगति शून्य दर्ज की गई। कर्तिक उरांव आदिवासी बालिका उच्च विद्यालय, सिसई में 31 और सरस्वती शिशु मंदिर, पंडरिया में आठ विद्यार्थियों से संबंधित काम शुरू नहीं हुआ था।

राजकीय प्राथमिक विद्यालय अरियाटोली और गोकुलपुर में भी किसी विद्यार्थी का कार्य प्रारंभ नहीं किए जाने की बात सामने आई। समीक्षा के दौरान कई विद्यालयों में जीपी, इपी, एफपी, एसएफ और पीपी जैसे अनिवार्य कॉलम खाली पाए गए। बीआरसी ने इन अधूरी प्रविष्टियों को गंभीरता से लिया है।

विद्यालय प्रोफाइल और फैसिलिटी डीसीएफ के अद्यतन में भी कमी मिली। उपलब्ध विवरण के मुताबिक पहमु, पुसो, सुपाली, टोटो, नगफेनी-मुरगु और कार्तिक छारदा के विद्यालयों में यह काम पूरा नहीं किया गया था। संबंधित कर्मियों को पोर्टल की लंबित सूचनाएं व्यवस्थित करने के साथ अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

डुप्लीकेट विद्यार्थियों के सत्यापन और आवश्यक सुधार के लिए सभी सीआरपी को पहले निर्देश दिया गया था। इसके बाद भी कई विद्यालयों में ऐसी प्रविष्टियां मिलने पर बीआरसी ने संकुल स्तर की निगरानी पर सवाल उठाया है। शिक्षक मॉड्यूल में भी पांच विद्यालयों का काम अधूरा पाया गया। डिवाइन लाइफ पब्लिक स्कूल में चार तथा सेक्रेड सोल पब्लिक स्कूल, नगफेनी-मुरगु में सात शिक्षकों का विवरण लंबित बताया गया है।

बीआरसी ने चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर संबंधित प्रधानाध्यापकों और सीआरपी-बीआरपी की जवाबदेही तय की जाएगी। इसके बाद मामला कार्रवाई के लिए वरीय पदाधिकारी के समक्ष भेजा जा सकता है। फिलहाल संबंधित विद्यालयों और निगरानी कर्मियों को लिखित जवाब देने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है।