हजारीबाग के कुम्हार टोली स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में दो दिवसीय प्रांतीय विज्ञान मेला आयोजित किया गया है। विद्या विकास समिति की ओर से आयोजित इस मेले में झारखंड के विभिन्न विद्यालयों से आए 701 बाल वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा को मंच देना और उन्हें नए प्रयोगों के लिए प्रोत्साहित करना है।
मेले में विद्यार्थियों ने चिकित्सा, पर्यावरण, स्वच्छता, वर्षा जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन, विद्युत रसायन और जैव प्रौद्योगिकी जैसे विषयों पर अपने मॉडल प्रदर्शित किए। वायुदाब तथा अन्य वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित प्रयोग भी यहां रखे गए हैं। विद्यार्थियों ने रोजमर्रा की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।
आदित्य कुमार सिंह का ‘सोलर हाइब्रिड डिहाइड्रेटर’ भी प्रदर्शनी का हिस्सा बना। उनके अनुसार यह उपकरण फल, सब्जियों, मसालों, जड़ी-बूटियों और मछली जैसे खाद्य पदार्थों की नमी सुखाने के काम आ सकता है। इसे सूर्य की ऊर्जा के साथ बिजली से भी चलाने की परिकल्पना की गई है। मॉडल का उद्देश्य फसलों और खाद्य सामग्री को खराब होने से बचाने में किसानों की सहायता करना है।
विद्यार्थी युवराज पाटिल ने सड़क दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सेंसर आधारित वाहन मॉडल तैयार किया। उनके मॉडल में वाहन के सामने सेंसर लगाया गया है। सामने कोई वस्तु आने पर वाहन की गति कम होती है और फिर वह रुक जाता है। इस प्रयोग के माध्यम से उन्होंने दुर्घटनाओं की आशंका घटाने वाली तकनीक का विचार प्रस्तुत किया।
विज्ञान मेले में अलग-अलग विद्यालयों के विद्यार्थियों को अपने प्रयोग समझाने और दूसरे प्रतिभागियों के मॉडल देखने का अवसर मिला है। आयोजन में कृषि उपयोगिता, संसाधनों के संरक्षण और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े विषयों की मौजूदगी ने प्रदर्शनी को केवल सैद्धांतिक प्रयोगों तक सीमित नहीं रहने दिया। कई मॉडलों में स्थानीय जरूरतों से जुड़ी समस्याओं के समाधान खोजने की कोशिश दिखाई गई।
आयोजकों के अनुसार विभागीय और प्रांतीय स्तर की प्रतियोगिता में सफल प्रतिभागी आगे क्षेत्रीय तथा अखिल भारतीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। इस प्रक्रिया से विद्यालय स्तर पर तैयार विचारों को बड़े मंच तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। हजारीबाग में आयोजित यह मेला विद्यार्थियों के लिए वैज्ञानिक सोच, नवाचार और मॉडल निर्माण की क्षमता प्रदर्शित करने का साझा मंच बना है।