जन्माष्टमी पर धनबाद में छाए रह सकते हैं बादल, हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान
धनबाद में 4 सितंबर को जन्माष्टमी के दिन बादल छाए रहने और एक-दो बार हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मंदिरों और झांकियों की तैयारियों पर मौसम का असर पड़ सकता है।
झारखंड24 विशेष
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धनबाद में 4 सितंबर को जन्माष्टमी के दिन बादल छाए रहने और एक-दो बार हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मंदिरों और झांकियों की तैयारियों पर मौसम का असर पड़ सकता है।
पानी की सुविधा नहीं होने से बंद पड़े धनबाद नगर निगम क्षेत्र के 10 सार्वजनिक शौचालय अब उपयोग के लिए तैयार हैं। इनके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सुलभ इंटरनेशनल को दी गई है।
विद्यार्थियों की शिकायत पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने बीआईटी सिंदरी के आठ मेस का निरीक्षण किया। दो संचालकों पर कुल 30 हजार रुपये दंड लगा और चार बिना लाइसेंस मिले।
धनबाद जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में पेवर ब्लॉक और पीसीसी पथ निर्माण से जुड़ी चार योजनाओं को स्वीकृति देने के लिए डीडीसी को पत्र भेजा गया है।
धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल के 220 बेड वाले मेडिसिन विभाग की सीसीयू में तीनों वेंटिलेटर खराब हैं। गंभीर मरीजों को सर्जिकल आईसीयू भेजने या दूसरे अस्पताल जाने की सलाह देने की स्थिति बन रही है।
चार दिनों की रुक-रुककर हुई बारिश के बाद धनबाद के कई इलाकों में सड़कों के गड्ढों में पानी भर गया है। माइनिंग चालान विवाद के बीच मरम्मत और निर्माण की 100 से अधिक योजनाएं लंबित बताई गई हैं।
धनबाद नगर निगम ने सभी 55 वार्डों में अधिकतम 10 सदस्यों वाली समितियों के गठन की पहल की है। ये समितियां स्थानीय योजनाओं के चयन और नागरिक सुविधाओं की निगरानी में भूमिका निभाएंगी।
एसआईआर के नोटिस पर दावे-आपत्तियों की सुनवाई के लिए लोयाबाद के मतदाताओं को 25 से 30 किलोमीटर दूर बाघमारा बुलाया गया है। बुजुर्ग और असहाय लोगों की परेशानी का हवाला देकर स्थानीय कैंप की मांग उठी है।
प्रखंड संसाधन केंद्र बाघमारा में आयोजित शिविर के दौरान विभिन्न विद्यालयों में पढ़ने वाले 48 दिव्यांग छात्र-छात्राओं के बीच सहायक उपकरण वितरित किए गए।
मंझलाडीह के हाजरा टोला में पक्की सड़क का रास्ता साफ करने के लिए प्रहलाद और प्रशुराम हाजरा ने अपनी रैयती जमीन दी है। सड़क बनने से ग्रामीणों और मरीजों का आवागमन आसान होने की उम्मीद है।
लगातार बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से बढ़ी आवक के बीच मैथन और पंचेत डैम से पश्चिम बंगाल की ओर पानी छोड़ा जा रहा है। दोनों जलाशय फिलहाल खतरे के निशान से 10 फीट नीचे हैं।
लगातार बारिश के बाद दामोदर नदी का जलस्तर 460 आरएल तक पहुंच गया है। कचरा और जलकुंभी इंटेक व्यवस्था में फंसने से झरिया तथा आसपास के इलाकों की जलापूर्ति प्रभावित हुई है।
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