रांची में मंदिरों की थीम पर सजे दुर्गा पूजा पंडाल, आज शाम खुलेंगे पट
रांची के कई दुर्गा पूजा पंडाल बुधवार शाम श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे। शहर में प्रसिद्ध मंदिरों, पौराणिक प्रसंगों और हस्तशिल्प को केंद्र में रखकर पंडाल तैयार किए गए हैं।
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रांची के कई दुर्गा पूजा पंडाल बुधवार शाम श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे। शहर में प्रसिद्ध मंदिरों, पौराणिक प्रसंगों और हस्तशिल्प को केंद्र में रखकर पंडाल तैयार किए गए हैं।
रांची के चुटिया स्थित प्राचीन श्रीराम मंदिर में शारदीय नवरात्र के नौ दिनों तक कुंवारी कन्याएं सामूहिक रामायण पाठ करती हैं। यह परंपरा वर्ष 1970 से जारी बताई गई है।
रेलवे कॉलोनी राजखरसावां की सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने पर जागरण आयोजित करेगी। कार्यक्रम में बंगाल के भजन कलाकार शामिल होंगे।
राजनगर प्रखंड के ब्लॉक मैदान और कई गांवों में दुर्गापूजा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। छह दिवसीय आयोजन में पूजा-अर्चना, फुटबॉल, आदिवासी नाटक और रावण दहन शामिल हैं।
दुर्गा पूजा के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और छावनी परिषद की संयुक्त टीम ने रामगढ़ शहर के प्रमुख पंडालों तथा रावण दहन स्थलों पर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
सरायकेला-खरसावां के राजनगर प्रखंड में पूजा समितियां पंडाल और प्रतिमा सज्जा को अंतिम रूप दे रही हैं। ब्लॉक मैदान में 16 से 22 अक्टूबर तक अनुष्ठान, खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
धनबाद में दुर्गापूजा की भीड़ को देखते हुए 16 से 20 अक्टूबर तक प्रमुख मार्गों पर वन-वे और निर्धारित समय में नो-एंट्री लागू रहेगी। पंडालों के पास बैरिकेड और ड्रॉप गेट लगाए जाएंगे।
पलामू के हैदरनगर स्थित सिद्धपीठ देवी मंदिर में शारदीय नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है। परिसर में जिन्न बाबा की मजार पर फातेहा और चादरपोशी की परंपरा भी निभाई जाती है।
पिल्लई हॉल में आयोजित समारोह में सामाजिक एकता, सेवा और समानता का संदेश दिया गया। दस दिनों की प्रतियोगिताओं के विजेता और उपविजेता भी पुरस्कृत किए गए।
दलभंगा में आयोजित विचार गोष्ठी में मुंडारी भाषा की संवैधानिक मान्यता के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने और जनप्रतिनिधियों से अनुशंसा कराने का निर्णय लिया गया।
आरआर स्पोर्टिंग क्लब का दुर्गा पूजा पंडाल 14 अक्टूबर तक तैयार करने का लक्ष्य है। बंगाल के कलाकार दो महीने से इसके निर्माण और सजावट में जुटे हैं।
गढ़वा के केतार प्रखंड में शारदीय नवरात्र के दौरान मंदिरों और पूजा पंडालों में अनुष्ठान हो रहे हैं। विभिन्न गांवों में रामलीला समेत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
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