चतरा जिले में करमा पर्व का उल्लास, अखरों में रातभर गूंजे लोकगीत
चतरा सदर से इटखोरी, सिमरिया और टंडवा समेत जिले के विभिन्न प्रखंडों में करमा पर्व पारंपरिक पूजा, उपवास, झूमर नृत्य और करम डाल विसर्जन के साथ मनाया गया।
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चतरा सदर से इटखोरी, सिमरिया और टंडवा समेत जिले के विभिन्न प्रखंडों में करमा पर्व पारंपरिक पूजा, उपवास, झूमर नृत्य और करम डाल विसर्जन के साथ मनाया गया।
चतरा के गिद्धौर प्रखंड मुख्यालय में दुर्गा पूजा के लिए पंडाल, विद्युत सज्जा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी चल रही है। विभिन्न मार्गों पर 12 तोरण द्वार बनाए जाएंगे।
श्री श्याम सेवा मंडल के दो दिवसीय 47वें वार्षिक महोत्सव की शुरुआत मंगलवार को हुई। शोभायात्रा शहर के प्रमुख चौकों से होकर गुजरी और मंदिर परिसर में संपन्न हुई।
झारखंड आंदोलन के प्रणेता और झामुमो के संस्थापक बिनोद बिहारी महतो की 103वीं जयंती पर बलियापुर में उनके सामाजिक और शैक्षणिक योगदान को याद किया जा रहा है।
अच्छी फसल, पर्याप्त वर्षा और क्षेत्र की समृद्धि की कामना के साथ दितसाही में 25 से 30 फीट ऊंचा पारंपरिक इंद्र छाता स्थापित किया जाएगा।
चाईबासा की 22 दुर्गा पूजा समितियों ने नितिन प्रकाश को दोबारा केंद्रीय समिति का अध्यक्ष चुना। पुरानी कमेटी को इस वर्ष भी जिम्मेदारी दी गई है।
रांची विश्वविद्यालय के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग के अखड़े में करम पूजा महोत्सव आयोजित हुआ। नौ भाषाओं के गीत, मांदर और लोकनृत्य कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे।
रांची नगर निगम ने 176 पूजा समितियों के साथ समन्वय कर सफाई, प्रकाश, सड़क, पेयजल और विसर्जन स्थलों की व्यवस्था दुरुस्त करने की तैयारी की है। पूजा के दौरान कनेक्ट सेंटर 24 घंटे सक्रिय रहेगा।
बोड़ाम प्रखंड के हाथीखेदा मंदिर में श्रद्धालु पेड़ों पर नारियल बांधते हैं और मनोकामना पूरी होने पर हाथी-घोड़े की प्रतिमाएं अर्पित करते हैं।
चंदवारा प्रखंड के जामु खाड़ी मैदान में आयोजित करमा महोत्सव में महिलाओं ने करम डाल की पूजा की और रक्षा सूत्र बांधकर भाइयों की लंबी आयु, अच्छी खेती तथा प्रकृति की रक्षा की कामना की।
रांची में करम पर्व श्रद्धा और उत्साह से मनाया जा रहा है। पारंपरिक गीत-नृत्य, करम डाल और जावा के साथ प्रकृति, कृषि तथा भाई-बहन के रिश्ते का सम्मान किया गया।
रांची के मेन रोड स्थित विशाल क्लब की दुर्गा पूजा इस बार स्वर्ण जयंती वर्ष के रूप में आयोजित होगी। करीब 10 लाख रुपये के बजट से पंडाल, प्रतिमा और विद्युत सज्जा समेत अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी।
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