सिमडेगा पुलिस लाइन में करमा मिलन समारोह, पारंपरिक गीत-नृत्य में जुटे जवान और परिवार
सिमडेगा पुलिस लाइन परिसर में आयोजित करमा मिलन समारोह में करम डाली की पूजा हुई। पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों ने पारंपरिक गीत-नृत्य के साथ पर्व मनाया।
झारखंड24 विशेष
झारखंड से जुड़ी संस्कृति की सभी प्रमुख खबरें।
सिमडेगा पुलिस लाइन परिसर में आयोजित करमा मिलन समारोह में करम डाली की पूजा हुई। पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों ने पारंपरिक गीत-नृत्य के साथ पर्व मनाया।
पाकुड़ के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में करम पर्व पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। शोभायात्रा, करम डाल की पूजा और मांदर की थाप पर नृत्य-गान में सैकड़ों लोग शामिल हुए।
रांची नगर निगम ने 53 वार्डों के 298 सरना स्थलों और अखड़ों में सफाई, रोशनी, पेयजल तथा संपर्क मार्गों की व्यवस्था समय पर पूरी करने का निर्देश दिया है।
सरायकेला-खरसावां के बीजाडीह में आयोजित जयंती समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने आदिवासी पहचान, अधिकार और मातृभाषा में शिक्षा का मुद्दा उठाया।
लोहरदगा के बाजार में करमा पर्व की खरीदारी तेज हुई है। पारंपरिक लाल पाड़ की साड़ियों से लेकर नए डिजाइन के परिधान और आभूषण तक ग्राहकों की पसंद में शामिल हैं।
करम पर्व की पूर्व संध्या पर एनयूएसआरएल रांची में आयोजित समारोह में जनजातीय परंपराओं, प्रकृति से जुड़ाव और करम गीतों में समाहित सामाजिक ज्ञान पर चर्चा हुई।
लोहरदगा के कैरो जतरा टांड़ में आयोजित प्रखंड स्तरीय समारोह में पारंपरिक नृत्य-संगीत के साथ करमा पर्व का संदेश साझा किया गया और प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मान मिला।
रामगढ़ महाविद्यालय के करम महोत्सव में विद्यार्थियों ने पारंपरिक गीत-नृत्य प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने प्रकृति संरक्षण, कृषि और भाई-बहन के रिश्ते से जुड़े पर्व के संदेश पर चर्चा की।
गिरिडीह के बिरनी प्रखंड स्थित कपिलो पंचायत में पहली बार करमा पूजा महोत्सव आयोजित हुआ। करम डाली की पूजा के साथ पारंपरिक गीत, मांदर और नृत्य की प्रस्तुतियां हुईं।
राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के संचालन पर हुई बैठक में स्थानीय कलाकारों ने बाहरी एजेंसी के प्रस्ताव का विरोध करते हुए अपनी भागीदारी और पारंपरिक विरासत के संरक्षण की मांग रखी।
सरायकेला-खरसावां के खरसावां और कुचाई प्रखंडों में श्रद्धालुओं ने उपवास, मंगल पाठ और विशेष रात्रि पूजा के साथ मां मनसा की आराधना की।
चाईबासा में उरांव समाज ने जावा जागरण के साथ करमा पर्व की तैयारियां शुरू कीं। पांच दिनों तक गीत-नृत्य और जावा की देखभाल के बाद 22 सितंबर को करमा पूजा होगी।
इलाका चुनें
झारखंड के 24 जिलों की ताज़ा खबरें, तेज़ खोज और सहेजी गई खबरें—एक ही ऐप में।