ई-केवाईसी लंबित होने से झारखंड के 11 लाख से अधिक एलपीजी उपभोक्ताओं की बुकिंग प्रभावित
झारखंड में इंडियन ऑयल के 11 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी लंबित है। रांची में भी करीब 1.66 लाख उपभोक्ताओं ने प्रक्रिया पूरी नहीं की है।
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झारखंड में इंडियन ऑयल के 11 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी लंबित है। रांची में भी करीब 1.66 लाख उपभोक्ताओं ने प्रक्रिया पूरी नहीं की है।
झारखंड सरकार की ओर से वसूली योग्य बताई गई राशि को बीसीसीएल ने अभी देनदारी नहीं माना है। कंपनी दावे के आधार और दस्तावेजों की जांच कर रही है।
सिमडेगा के मुख्य बाजार में दुर्गापूजा की खरीदारी जोर पकड़ रही है। महंगाई के बीच ग्राहक बजट के विकल्प चुन रहे हैं, जबकि दुकानदारों को बेहतर कारोबार की उम्मीद है।
बीसीसीएल मुख्यालय में हुई समन्वय बैठक में वॉशरी उत्पादन, कोयले की गुणवत्ता, क्षमता सुधार, डिवाटरिंग और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।
हजारीबाग चैंबर ऑफ कॉमर्स ने यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए भुगतान व्यवस्था को पहले की तरह शुल्क मुक्त रखने की मांग की।
हजारीबाग चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सदस्यों ने यूपीआई लेनदेन पर संभावित शुल्क का विरोध किया। व्यापारियों ने कहा कि इससे खासकर छोटे कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है।
नगरपालिका विनियम-2026 के तहत स्लॉटर हाउस के स्थान, स्वच्छता, जल निकासी और कचरा निस्तारण की जांच होगी। मानक पूरे होने पर ही एनओसी जारी की जाएगी।
गढ़वा के सोनपुरवा में हुई व्यवसायियों की बैठक में नए जिला व्यावसायिक महासंघ का गठन किया गया। संगठन ने सदस्यता अभियान चलाने और कारोबारी समस्याओं पर सामूहिक रूप से काम करने का निर्णय लिया।
रांची के गेतलसूद डैम में स्थापित फ्लोटिंग सोलर प्लांट ने 100 मेगावाट की पूरी क्षमता से व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है। बिजली गेतलसूद और इरबा ग्रिड के रास्ते वितरित की जाएगी।
पाकुड़ की 6.34 किलोमीटर लंबी शहरकोल-प्यादापुर बाइपास सड़क भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान में देरी के कारण अधूरी है। शहर में लागू नो-एंट्री से व्यापारियों को सामान की आवाजाही में परेशानी हो रही है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में अगस्त तक खनिज रॉयल्टी, उपकर और अन्य शुल्कों से झारखंड को 9,877.89 करोड़ रुपये मिले। जिलों में धनबाद का योगदान सबसे अधिक बताया गया है।
हजारीबाग की गैस एजेंसियों पर ई-केवाईसी कराने के लिए शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में उपभोक्ता पहुंच रहे हैं। धीमे सर्वर और सीमित संसाधनों के कारण प्रक्रिया में समय लग रहा है।
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