रांची के जैप-1 परिसर में निकली फूलपाती शोभायात्रा, गोरखा जवानों ने दी पारंपरिक सलामी
महासप्तमी पर डोरंडा स्थित जैप-1 परिसर में गोरखा परिवारों ने फूलपाती शोभायात्रा निकाली। यहां 1880 से चली आ रही परंपरा के अनुसार प्रतिमा के बजाय कलश की पूजा होती है।
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महासप्तमी पर डोरंडा स्थित जैप-1 परिसर में गोरखा परिवारों ने फूलपाती शोभायात्रा निकाली। यहां 1880 से चली आ रही परंपरा के अनुसार प्रतिमा के बजाय कलश की पूजा होती है।
गोड्डा जिले में सप्तमी पूजा के दौरान मां कालरात्रि की विशेष आराधना हुई। छहरा परंपरा निभाते हुए श्रद्धालु सड़क बुहारकर मंदिर पहुंचे।
जतराहीबाग का एक बंगाली परिवार पीढ़ियों से घर में दुर्गापूजा आयोजित कर रहा है। विजयादशमी का सिंदूर उत्सव, ढाक और धुनुचि नृत्य इसकी खास पहचान हैं।
रांची के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों को अमेरिका, थाईलैंड, वाराणसी, गुजरात और तमिलनाडु के मंदिरों की थीम पर सजाया गया है। भीड़ को देखते हुए शहर में विशेष यातायात व्यवस्था लागू है।
हजारीबाग में दुर्गा पूजा के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए ड्रोन, सीसीटीवी, अतिरिक्त बल और महिला पुलिस की व्यवस्था की गई है। शहर से गांव तक 100 से अधिक गुप्तचर तैनात किए गए हैं।
डिमना रोड के शिवशंकर दुर्गापूजा पंडाल में पश्चिम बंगाल से आई बापी की ढाकी टीम पारंपरिक धुनों से उत्सव का रंग बढ़ा रही है। यह टीम विदेशों में भी प्रस्तुति दे चुकी है।
पाकुड़ में षष्ठी पर विभिन्न दुर्गापूजा पंडालों के कपाट खोल दिए गए। मां कात्यायनी की पूजा के साथ शहर के प्रमुख पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हुई।
देवघर के करीब 100 पूजा पंडालों में रोशनी और विद्युत सज्जा के कारण बिजली की मांग बढ़ने का अनुमान है। विभाग ने निर्बाध आपूर्ति के लिए लोड प्रबंधन और तकनीकी तैयारियां तेज की हैं।
पलामू के हरैया कला गांव में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं चंदा संग्रह, खर्च का लेखा-जोखा, पूजा की व्यवस्था और प्रसाद वितरण तक की जिम्मेदारी मिलकर निभा रही हैं।
अग्निशमन विभाग ने अपर बाजार के दुर्गा पूजा पंडालों में समिति सदस्यों को उपकरण चलाने का प्रशिक्षण दिया और आग से बचाव के जरूरी इंतजाम रखने को कहा।
कोडरमा के झुमरी तिलैया स्थित मेरिडियन किट्स फ्लोरेट में आयोजित डांडिया महोत्सव में विद्यार्थियों, अभिभावकों और अतिथियों ने भाग लिया। बच्चों के खाद्य स्टॉल कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहे।
धनबाद में दुर्गा पूजा के दौरान शांति और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस ने प्रमुख चौक-चौराहों, संवेदनशील इलाकों, पूजा पंडालों और मेला क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
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