झारखंड में मजदूरी भुगतान के लिए 220.06 करोड़ रुपये का उप आवंटन
राज्य सरकार ने मजदूरी मद में 220.06 करोड़ रुपये जिलों को उप आवंटित किए हैं। अधिकारियों को डीबीटी-स्पर्श मॉडल से भुगतान की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
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राज्य सरकार ने मजदूरी मद में 220.06 करोड़ रुपये जिलों को उप आवंटित किए हैं। अधिकारियों को डीबीटी-स्पर्श मॉडल से भुगतान की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि भर्ती विज्ञापन में स्पष्ट शर्त नहीं होने पर आवेदन की अंतिम तारीख के बाद जारी एनसीएल या ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र के आधार पर अभ्यर्थियों को नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता।
माराफारी थाना क्षेत्र के मनसा सिंह गेट के पास बाइक सवार दो लोगों ने नकदी लेकर जा रहे व्यक्ति को गिराकर रुपयों से भरा बैग छीन लिया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर रही है।
चाईबासा नगर परिषद ने दुर्गा पूजा के दौरान शहर और पूजा पंडालों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए तीन पालियों में विशेष अभियान शुरू किया है। शिकायतों के समाधान के लिए क्विक रिस्पांस टीम भी सक्रिय रहेगी।
झारखंड हाईकोर्ट ने लंबे समय से संविदा पर कार्यरत 11 तकनीकी पर्यवेक्षकों की सेवा नियमित करने के लिए राज्य सरकार को 12 सप्ताह में जरूरी आदेश जारी करने को कहा है।
डीएमएफटी की योजनाओं के तहत धनबाद में स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल को प्राथमिकता दी गई है। हर पंचायत में क्रियाशील स्वास्थ्य उपकेंद्र स्थापित करने के साथ 419 आंगनबाड़ी भवन बनाए जा रहे हैं।
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि संशोधित विज्ञापन में स्वीकृत स्नातक योग्यता के बावजूद पीजी या आचार्य की डिग्री नहीं होने पर अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी रद्द नहीं की जा सकती।
सत्र 2026-30 के चार वर्षीय स्नातक और सत्र 2026-29 के व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी 22 अक्टूबर से 3 नवंबर तक कॉलेज में दस्तावेज जमा कर सकेंगे।
अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के आठवें दिन विस्थापितों ने बोकारो स्टील प्लांट के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए। आंदोलनकारी चतुर्थ वर्गीय पदों पर नियोजन का लिखित आश्वासन मांग रहे हैं।
बाईहातू और बानाबिज की ग्राम सभाओं ने शराब व गांजा बेचने पर 50 हजार और सेवन पर 10 हजार रुपये जुर्माने का नियम बनाया है। ग्रामीण टीमें इसकी निगरानी कर रही हैं।
महासप्तमी पर डोरंडा स्थित जैप-1 परिसर में गोरखा परिवारों ने फूलपाती शोभायात्रा निकाली। यहां 1880 से चली आ रही परंपरा के अनुसार प्रतिमा के बजाय कलश की पूजा होती है।
गोड्डा जिले में सप्तमी पूजा के दौरान मां कालरात्रि की विशेष आराधना हुई। छहरा परंपरा निभाते हुए श्रद्धालु सड़क बुहारकर मंदिर पहुंचे।
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